PM Modi In Seychelles: पीएम मोदी अपनी 3 दिन की सेशेल्स यात्रा पर पहुंचे है. रविवार को उन्होंने अपनी यात्रा में कहा कि नई दिल्ली एक ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करती है, जहां आर्थिक समृद्धि के साथसाथ सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और साझेदारी आकार पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और भरोसे पर आधारित हो.

पीएम मोदी ने एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा,’ हमारा विजन हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है. हमारा मानना ​​है कि हिंद महासागर हमारा साझा घर है. इसकी सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि हमारी साझा जिम्मेदारी है. यही भावना हमारे ‘महासागर’ विजन का आधार है.’ इसके साथ ही पीएम ने सेशल्स के राष्ट्रीय विधानसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने भारतसेशेल्स के बीच पुकाने संबंध का जिक्र किया.

क्या है महासागर विजन?
पीएम मोदी ने मार्च 2025 में महासागर विजन पेश किया था, जो भारत की व्यापक वैश्विक समुद्री नीति है. इसका अर्थ अलगअलग क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और ओवरऑल प्रोग्रेस है. यह भारत के समुद्री नजरिए को केवल स्थानीय हिंद महासागर के दायरे से निकालकर एक व्यापक, वैश्विक स्तर तक ले जाता है. पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद छोटे देशों के साथ संबंध मजबूत करना, समुद्री क्षेत्र की जानकारी बढ़ाना और गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है, ताकि ग्लोबल साउथ को आगे बढ़ाया जा सके.

‘आर्थिक समृद्धि के साथसाथ समुद्री सुरक्षा भी पक्की हो…’
पीएम मोदी ने आगे कहा,’ मेरे सेशेल्स दौरे का संदेश साफ है. भारत एक ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है, जहां आर्थिक समृद्धि के साथसाथ समुद्री सुरक्षा भी पक्की हो, जहां हमारी साझेदारी आकार पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और भरोसे पर टिकी हो और जहां हम एकएक देश के पास अलगअलग जाने के बदले साथ मिलकर आगे बढ़ें. हमारा विजन हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है.’

‘हिंद महासागर को लेकर भारत के लिए सेशेल्स का विशेष स्थान है…’
पीएम मोदी ने सेशेल्स की विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहां की नेशनल असेंबली में संबोधन करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री के रूप में आपके सामने खड़ा होना मेरे लिए विशेष सम्मान की बात है. पीएम ने कहा,’ मैं अपने साथ भारत के 1.4 अरब लोगों की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और स्नेह लेकर आया हूं. प्रधानमंत्री बनने के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में मैंने सबसे पहले 2015 में सेशेल्स का दौरा किया था. मैं यहां इसलिए आया था, क्योंकि मेरा मानना था कि हिंद महासागर को लेकर भारत की सोच में सेशेल्स का एक विशेष स्थान है. एक दशक बाद जब मैं फिर यहां लौटा हूं, तो यह विश्वास पहले से भी अधिक मजबूत हो गया है. आपकी आजादी के 50 साल पूरे होने के इस अवसर पर आपके साथ जुड़कर मुझे अत्यंत खुशी हो रही है.’

‘हिंद महासागर भारतसेशेल्स को जोड़ता है…’
पीएम ने विधानसभा में भारतसेशेल्स की दोस्ती को लेकर कहा,’ हमारी मित्रता 50 साल पहले राजनयिक संबंधों की स्थापना के साथ शुरू नहीं हुई थी. इसकी शुरुआत उससे भी पहले अगस्त 1770 में हुई थी. उस समय सेंट ऐनी आइलैंड पर पहुंचे जहाज़ ‘थेलेमाक’ में सवार लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे. उस यात्रा ने उन अनेक लोगों के लिए रास्ता दिखाया, जो बाद में यहां आए. समय के साथ उनकी कहानियां आधुनिक सेशेल्स के इतिहास का हिस्सा बन गईं. यह हमें याद दिलाता है कि हमारे बीच के संबंध सरकारों ने नहीं बनाए, बल्कि इन्हें लोगों ने स्थापित किया, परिवारों ने सहेजा और पीढ़ियों ने आगे बढ़ाया. हिंद महासागर ने यह संभव बनाया. हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, बल्कि हमें जोड़ता है. यही कारण है कि हम एकदूसरे से अजनबियों की तरह नहीं, बल्कि पुराने मित्रों की तरह मिलते हैं.’