Nepal flood: नेपाल में भोटेकोशी नदी में आए फ्लैश फ्लड के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही मची है. इस हादसे में कई लोगों की मौत और 1000 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. नेपाल की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजगंज और कुशीनगर समेत सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. वहीं, बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए कई जिलों के अधिकारियों को जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा है.

नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी

नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है. बताया जा रहा कि तिब्बत की ओर से अचानक आए तेज जलप्रवाह के कारण नदी का पानी तेजी से बढ़ा. इसके बाद आसपास के इलाकों में अफरातफरी मच गई. बाढ़ के बाद नेपाल में राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है. बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की सूचना के बाद बचाव दल प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं. नेपाल की स्थिति को देखते हुए भारत में भी सीमावर्ती राज्यों को सतर्क किया गया है.

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CM योगी ने महाराजगंजकुशीनगर को किया अलर्ट

नेपाल में आई बाढ़ के असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने नेपाल में हुई तबाही को चिंताजनक बताते हुए भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है.

गंडकनारायणी का जलस्तर बढ़ने की आशंका

नेपाल में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है. महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक और नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है. प्रशासन को नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को संभावित खतरे की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं. बाढ़ की स्थिति बनने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है.

बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ा

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में भी गंडक नदी के जलप्रवाह में अचानक बढ़ोतरी की आशंका है. इसे देखते हुए बिहार सरकार ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर और अन्य संवेदनशील जिलों में भी नदियों व निचले इलाकों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है. अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.

बांध और तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी

संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए सभी बांधों और तटबंधों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि दिन के साथसाथ रात में भी नाइट पेट्रोलिंग कराई जाए. तटबंधों के कमजोर हिस्सों की पहचान कर वहां तत्काल जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है. संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर और माइक के जरिए लोगों को लगातार चेतावनी देने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि खतरा बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.

NDRFSDRF की टीमें रहेंगी तैयार

संभावित आपदा से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमों को भी तैयार रखा गया है. जिला प्रशासन को दोनों एजेंसियों के साथ समन्वय कर राहत और बचाव अभियान की तैयारी रखने को कहा गया है. गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि एक टीम को मुजफ्फरपुर में स्टैंडबाय पर रखने की तैयारी है. बेतिया में भी NDRF टीम की मूवमेंट या तैनाती कम समय में सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है. जरूरत पड़ने पर SSB की QRT और अन्य संसाधनों की मदद भी ली जाएगी.

नाव, राहत शिविर और कम्युनिटी किचन की तैयारी

प्रशासन को संभावित बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पहले से निकासी प्लान तैयार रखने को कहा गया है. प्रभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था करने के साथ राहत शिविर और कम्युनिटी किचन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन को कहा गया है कि खतरा बढ़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए. साथ ही, प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की तैयारी भी पहले से रखी जाए.

वैशाली में निचले इलाकों पर खास नजर

गंडक और गंगा नदी के किनारे बसे निचले इलाकों को लेकर वैशाली जिले में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. प्रशासन की नजर वैशाली, लालगंज, हाजीपुर सदर, राघोपुर, बिदुपुर, देसरी, सहदेई बुजुर्ग और महनार प्रखंडों पर है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इन इलाकों में नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी तरह के खतरे की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों को तुरंत जानकारी दी जाए.

नेपाल में आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत सरकार भी राहत और बचाव के लिए मदद पहुंचाने की तैयारी कर रही है. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आपातकालीन राहत सामग्री भेजने की तैयारी की जा रही है. वहीं, नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय यात्रियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. फिलहाल यूपी और बिहार प्रशासन की प्राथमिकता नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने, कमजोर तटबंधों को सुरक्षित करने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है.