राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के सभी आठ आरोपियों के घर रविवार को सुबह पुलिस ने एक साथ दबिश दी। टीमें एक साथ सभी के घर पहुंची। घरवालों से पूछताछ शुरू की। साथ ही पड़ोसियों से बातचीत करके जानकारी जुटाई। पुलिस टीम अनुकल्प मिश्रा, अवनीश शुक्ला, मनीष यादव, टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों के आवासों पर पहुंची। घरों की तलाशी लेने के साथ मौजूद परिजनों के बयान दर्ज किए।

जांच के दौरान स्थानीय लोगों को भी अपने बयान और साक्ष्य पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के घरों के प्रवेश द्वार पर पुलिस बल तैनात रहा, ताकि जांच में किसी प्रकार का व्यवधान न हो और अनधिकृत लोगों का प्रवेश रोका जा सके।

इस मामले में बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज किया गया था। जबकि, शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। अब पुलिस साक्ष्य जुटाने और मामले की विवेचना को आगे बढ़ाने में जुटी है।

अविनाश शुक्ला का घर सील
इसी क्रम में कौशलपुरी फेसएक में आरोपी अविनाश शुक्ला के किराये के मकान पर भी पुलिस ने कार्रवाई की। जांच के दौरान मकान के प्रवेश मार्ग पर ताला लगाकर क्षेत्र को पुलिस निगरानी में ले लिया गया। पुलिस मौके पर जांचपड़ताल में जुटी है। मामले में अब तक सात आरोपियों से करीब 79 लाख रुपये की बरामदगी हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक करीब 20 लाख रुपये अविनाश शुक्ला के पास से बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस सभी आरोपियों के आवासों पर साक्ष्य जुटाने और मामले की गहन जांच कर रही है।

बताते चलें कि बीती छह जून को राम मंदिर की चढ़ावा धनराशि में से चोरी का मामला सामने आया था। बाद में मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की। दो दिन पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इसके बाद बृहस्पतिवार की शाम को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने गणना में शामिल कर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा व पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव व महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।

कर्मियों ने चढ़ावा धनराशि की चोरी की
रामजन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर में कृष्ण मोहन ने बताया कि मंदिर में चढ़ावा धनराशि के गबन/चोरी के संबंध में एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी रिपोर्ट से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गणना प्रक्रिया में सेवारत कुछ कर्मियों ने भेंट/चढ़ावा धनराशि की चोरी की है। पर्यवेक्षणीय कार्य में लगे सुभाष श्रीवास्तव और बैंक पर्यवेक्षणीय कर्मी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी प्रथम दृष्टया है। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।