Karnataka News: मुंबई अंडरवर्ल्ड का एक ऐसा पन्ना, जिसे पुलिस और जांच एजेंसियां सालों पहले बंद मान चुकी थीं, वो एक बार फिर खुल गया है. साल 2013 से रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब और मृत घोषित माना जा रहा कुख्यात गैंगस्टर हेमंत पुजारी उर्फ एचपी अचानक फिर से चर्चा में आ गया है. कर्नाटक के उडुपी जिले के मुदारंगड़ी में हुए चर्चित व्यवसायी डेविड गोलीबारी मामले की पड़ताल के दौरान इस भगोड़े गैंगस्टर की मौजूदगी के चौंकाने वाले सुराग मिले हैं, जिससे उसके अभी भी जीवित होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है.

उडुपी में हुई व्यवसायी डेविड की हत्या के बाद मामले की जांच कर रही पुलिस टीम के हाथ कुछ ऐसे फोन कॉल्स और ऑडियो रिकॉर्डिंग लगे हैं, जिन्होंने जांच की दिशा ही बदल दी है. हत्या को अंजाम देने के बाद मुख्य शूटर राजू ने सीधे एक व्यक्ति को फोन कर काम पूरा होने और पैसों के भुगतान की बात कही, जिसके बाद उसे किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपने की सलाह दी गई.

इसके अलावा एक अन्य ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर एचपी ने खुद एक होटल मालिक से संपर्क किया था. हालांकि, जांच एजेंसियां अभी इस बात की तकनीकी पुष्टि में जुटी हैं कि ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज वास्तव में हेमंत पुजारी की ही है या कोई उसके नाम का इस्तेमाल कर रहा है.

होटल वेटर से छोटा राजन का खास शूटर बनने का सफर

हेमंत पुजारी का अंडरवर्ल्ड सफर काफी खौफनाक रहा है. मुंबई के घाटकोपर स्थित एक होटल में सप्लायर के तौर पर काम करने वाला हेमंत साल 1999 में अपराध की काली दुनिया में दाखिल हुआ. देखते ही देखते वह छोटा राजन गिरोह का मुख्य शूटर बन गया. मार्च 2011 में मुंबई के गोरेगांव इलाके में 75 वर्षीय मशहूर बेकरी मालिक अंगारा पुजारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने के मामले में उसका नाम प्रमुखता से सामने आया था. इसके बाद साल 2013 के आसपास अचानक वह आपराधिक गतिविधियों से गायब हो गया, जिसके बाद अंडरवर्ल्ड और पुलिस हलकों में उसे मृत मान लिया गया था.

7 अगस्त की वारदात ने फिर खड़े किए सवाल

बीती 7 अगस्त को मुदारंगड़ी में हुए डेविड शूटआउट के बाद जिस तरह से ‘HP’ नाम की रीएंट्री हुई है, उसने मुंबई से लेकर कर्नाटक पुलिस तक के कान खड़े कर दिए हैं. अगर वॉइस टेस्टिंग और सर्विलांस में इस बात की पुष्टि हो जाती है कि यह आवाज हेमंत पुजारी की ही है, तो यह अंडरवर्ल्ड का पिछले एक दशक का सबसे बड़ा रीएंट्री केस साबित होगा. फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसके संभावित ठिकानों और नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई हैं.

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