संयुक्त राष्ट्र/खार्तूम: सूडान में जारी गृहयुद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से प्रतिबंधों को और सख्त करने तथा पूरे देश में हथियारों पर प्रतिबंध लागू करने की मांग की है। अमेरिकी प्रस्ताव का उद्देश्य युद्धरत पक्षों पर दबाव बढ़ाकर उन्हें बातचीत की मेज पर लाना है।

एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, अप्रैल 2023 से जारी संघर्ष में कम से कम 59 हजार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1.3 करोड़ लोग विस्थापित हुए हैं। देश के कई हिस्सों में गंभीर खाद्य संकट और अकाल जैसी स्थिति बनी हुई है।
अमेरिका का कहना है कि युद्धरत पक्षों को मिल रही बाहरी सैन्य, वित्तीय और राजनीतिक मदद संघर्ष को लंबा खींच रही है। प्रस्तावित मसौदे में पूरे सूडान तक हथियार प्रतिबंध का विस्तार करने और सभी देशों से युद्धरत पक्षों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन बंद करने की मांग की गई है।
फिलहाल संयुक्त राष्ट्र का हथियार प्रतिबंध मुख्य रूप से दारफुर क्षेत्र तक सीमित है और यह 12 सितंबर 2026 तक प्रभावी है। यदि सुरक्षा परिषद अमेरिकी प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो प्रतिबंध का दायरा पूरे सूडान तक बढ़ सकता है।
क्या बढ़ेगा दबाव?
विशेषज्ञों की नजर अब सुरक्षा परिषद की प्रतिक्रिया पर है। अगर प्रस्ताव को समर्थन मिलता है तो युद्धरत पक्षों और उन्हें बाहरी सहायता देने वाले नेटवर्क पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि संघर्ष खत्म कराने के लिए प्रतिबंधों के साथ कूटनीतिक बातचीत और मानवीय सहायता की पहुंच भी अहम रहेगी।



