UP CM Yogi Adityanath In Gautam Buddha Nagar: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी आज की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश ने 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और जेवर क्षेत्र जल्द ही भारत का सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। इससे चीन आदि देशों पर निर्भरता कम होगी। पीएम सूर्यघर योजना से प्रदेश के 6 लाख परिवारों का बिजली बिल 60 प्रतिशत तक घटा है, यह यूपी में बढ़ती सौर ऊर्जा शक्ति का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में 8200 करोड़ रुपये के निवेश से एसएईएल के इंटीग्रेटेड सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश बनाने में एसएईएल की बड़ी भूमिका होगी। मुझे विश्वास है कि हम जल्द ही यूपी को सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का काम करेंगे।
6 लाख परिवारों को बिजली बिल 60% तक कम
पीएम मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 12 वर्ष में भारत ने दुनिया में एक नई सशक्त पहचान बनाई है। लोग सबसे तेज अर्थवस्थवस्था के रूप में भारत को बढ़ता देख रहे हैं। हमारा लक्ष्य अगले दोतीन वर्षों में यूपी में 20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी पैदा करना है। सीएम ने कहा कि मोदी जी ने दुनिया के देशों को प्रदूषण मुक्त वातावरण देने के लिए प्रेरित किया। रिन्यूएबल व ग्रीन एनर्जी के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई। उसी का परिणाम है कि यूपी जैसे राज्य में 6 लाख से अधिक परिवार पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा की आत्मनिर्भरता प्राप्त कर रहे है। इनके बिजली बिलों में भी लगभग 5060 प्रतिशत की कमी आई है। आज यूपी 2 हजार मेगावाट से अधिक बिजली सोलर पैनल से उत्पन्न कर रहा है।
20 हजार मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना अगले दोतीन वर्षों के अंदर यूपी में 20 हजार मेगावाट तक का लक्ष्य प्राप्त करना है। फिलहाल हम 6 हजार मेगावाट तक रिन्यूएबल एनर्जी से प्राप्त कर रहे हैं। ग्रीन एनर्जी का स्रोत सोलर के अलावा पराली भी है। किसान पराली को जलाकर प्रदूषण न करें, बल्कि उसे सीबीजी प्लांट तक पहुंचा दें तो वहां इससे सीएनजी, कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बन सकता है। किसानों को अतिरिक्त आय भी होगी।
यूपी में देश का 55 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन
सीएम ने कहा कि लागू होने के बाद यूपी सबसे ज्यादा एथेनॉल उत्पादन वाले राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। इसने हमारी शुगर इंडस्ट्री को आत्मनिर्भर बना दिया है। करीब एक दशक पहले हताशानिराशा से जूझ रहे किसानों को हमने पिछले 9 वर्ष के अंदर 3.22 लाख करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया। हम गन्ने से चीनी व एथेनॉल भी बना रहे हैं। देश का लगभग 55 फीसदी एथेनॉल उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश कर रहा है। सबसे ज्यादा सीबीजी प्लांट यूपी में लगे हैं। हमारा लक्ष्य अगले एक वर्ष में 100 सीबीजी प्लांट स्थापित करना है।
भारत की निर्यात क्षमता बढ़ाएगा सोलर प्लांट
सीएम योगी ने कहा कि एसएईएल ने नई तकनीक के साथ सोलर मैन्युफैक्चरिंग कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। इस प्लांट से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। यह सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की निर्यात क्षमता को बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। अभी तक जिन कार्यों के लिए हमें चीन या दुनिया के अन्य देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब वह टेक्नोलॉजी इसी जेवर में तैयार होगी।
इसके माध्यम से हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन भी होने वाला है। एमएसएमई, लॉजिस्टिक और सहायक उद्योगों के साथसाथ इंजीनियरों व टेक्नीशियनों को भी एक नए फील्ड में कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं को ग्रीन इकोनॉमी का नेतृत्व करने का भी अवसर इसके माध्यम से प्राप्त होने वाला है।
भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग की नई यूनिट का शिलान्यास करके आए हैं, जिसे भारत का अंबर ग्रुप व कोरिया सर्किट मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। यहां फिल्म सिटी व अपैरल सिटी भी बन रही है। विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय भी आ रहे हैं। टॉय पार्क भी बनने जा रहा है। भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में यह क्षेत्र विकसित होने जा रहा है। हमें पीएम मोदी जी के विजन को पूरे प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।
इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह, एसएईएल के डायरेक्टर सुखबीर सिंह, एसएईएल के सीईओ एवं कार्यकारी निदेशक लक्षित आवला, एसएईएल के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जसवीर सिंह और यीडा समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
एसएईएल कंपनी के मुताबिक इस परियोजना से 20 हजार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे औद्योगिक गतिविधियों, सहायक उद्योगों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। निर्माण पूरा होने पर यहां अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उच्च दक्षता वाले सोलर सेल और टॉपकॉन सोलर मॉड्यूल्स का निर्माण किया जाएगा, जिससे भारत में तेजी से बढ़ती अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
20 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश
एसएईएल के सहसंस्थापक एवं निदेशक सुखबीर सिंह ने कहा कि कंपनी 8,200 करोड़ रुपये के प्रारंभिक निवेश से 5 गीगावाट सोलर सेल और 5 गीगावाट सोलर मॉड्यूल निर्माण सुविधा स्थापित कर रही है। यह केवल बुनियादी ढांचे में निवेश नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण निवेश है। राज्य वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी 202930 तक अपना निवेश बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाएगी।


