दुनिया में कई ऐसे देश हैं जिनकी सीमाएं आपस में मिलती हैं. सीमाओं को लेकर विवाद होना भी आम बात है. लेकिन यूरोप में एक ऐसा द्वीप है जिस पर दो देश मिलकर राज करते हैं. इस द्वीप का नाम फ्रीजेंट आइलैंड है. इसे स्पेनिश भाषा में इस्ला दे लॉस फैसानेस और फ्रेंच भाषा में इल देस फैसांस कहा जाता है. इस द्वीप की सबसे अनोखी बात इसका शासन तंत्र है. साल के छह महीने इस पर स्पेन का अधिकार रहता है और बाकी के छह महीने फ्रांस इस पर राज करता है. सदियों से यह परंपरा बिना किसी विवाद के शांतिपूर्वक चली आ रही है.

आइए जानते हैं इस अद्भुत द्वीप का इतिहास और इसके पीछे की दिलचस्प कहानी. यह भी जानेंगे कि इस तरह की व्यवस्था और किन इलाकों में लागू है?
कहां स्थित है फ्रीजेंट आइलैंड?
फ्रीजेंट आइलैंड एक बहुत छोटा नदी द्वीप है. यह बिदासोआ नदी के बीच में स्थित है. यह नदी फ्रांस और स्पेन के बीच प्राकृतिक सीमा बनाती है. द्वीप का आकार बहुत छोटा है. इसकी लंबाई लगभग दो सौ मीटर और चौड़ाई लगभग चालीस मीटर है. यह द्वीप स्पेन के बास्क प्रांत के इरुन शहर और फ्रांस के हेंडाये शहर के बीच पड़ता है. इस द्वीप पर कोई आम नागरिक स्थायी रूप से नहीं रहता है. पर्यावरण और ऐतिहासिक कारणों से यहां आम जनता का प्रवेश भी पूरी तरह प्रतिबंधित है.
फ्रीजेंट आइलैंड बिदासोआ नदी के बीच में स्थित है.
क्यों है दो देशों से साझेदारी?
इस व्यवस्था को समझने के लिए हमें सत्रहवीं सदी के इतिहास में जाना होगा. उस समय फ्रांस और स्पेन के बीच तीस साल लंबा भीषण युद्ध चल रहा था. इस युद्ध के कारण दोनों देशों को भारी जानमाल का नुकसान हुआ था. साल 1659 में दोनों देशों ने युद्ध समाप्त करने का फैसला किया. शांति वार्ता के लिए एक निष्पक्ष जगह की जरूरत थी. फ्रीजेंट आइलैंड दोनों देशों की सीमा के बिल्कुल बीच में था. इसलिए इसे वार्ता के लिए सबसे सुरक्षित और तटस्थ स्थान के रूप में चुना गया. दोनों देशों के प्रमुख राजनयिक इस द्वीप पर मिले. फ्रांस की तरफ से कार्डिनल मजारीन और स्पेन की तरफ से डॉन लुइस डी हारो ने महीनों तक बातचीत की. दोनों पक्षों ने अपनी बराबरी दिखाने के लिए द्वीप पर विशेष लकड़ी के मंडप बनाए थे ताकि कोई भी पक्ष खुद को दूसरे से बड़ा न समझे.
क्या है पाइरेनीज की ऐतिहासिक संधि?
महीनों की लंबी बातचीत के बाद 7 नवंबर 1659 को एक ऐतिहासिक समझौता हुआ. इस समझौते को पाइरेनीज की संधि कहा जाता है. इस संधि के तहत फ्रांस और स्पेन के बीच सीमा तय की गई. शांति समझौते को मजबूत बनाने के लिए एक शाही विवाह भी तय हुआ. फ्रांस के राजा लुई चौदहवें का विवाह स्पेन के राजा फिलिप चतुर्थ की बेटी मारिया थेरेसा से हुआ.
यह विवाह इसी फ्रीजेंट आइलैंड पर संपन्न कराया गया था. इस संधि में फ्रीजेंट आइलैंड के भविष्य को लेकर एक अनूठा फैसला लिया गया. दोनों देशों ने तय किया कि द्वीप पर किसी एक देश का एकाधिकार नहीं होगा. दोनों देश इस पर बारीबारी से शासन करेंगे.
कैसे लागू होता है छहछह महीने के बंटवारे का नियम?
पाइरेनीज की संधि के तहत तय व्यवस्था आज भी उसी तरह लागू है. हर साल 1 फरवरी से 31 जुलाई तक यह द्वीप स्पेन के अधिकार क्षेत्र में रहता है. इसके बाद 1 अगस्त से 31 जनवरी तक इस पर फ्रांस का नियंत्रण रहता है. इस व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय कानून में कंडोमीनियम कहा जाता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कंडोमीनियम का मतलब एक ऐसा क्षेत्र होता है जिस पर दो या दो से अधिक देश संयुक्त रूप से संप्रभुता साझा करते हैं. फ्रीजेंट आइलैंड दुनिया का सबसे पुराना और सबसे अनोखा सक्रिय कंडोमीनियम माना जाता है.
कितनी आसान है सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया?
हर छह महीने में जब सत्ता बदलती है, तो एक बहुत ही सादा और औपचारिक समारोह आयोजित किया जाता है. दोनों देशों के नौसेना अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि इस द्वीप पर इकट्ठा होते हैं. स्पेनिश नौसेना कमांडर और फ्रांसीसी नौसेना कमांडर आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते हैं. इसके बाद द्वीप का नियंत्रण शांति से दूसरे देश को सौंप दिया जाता है. इस दौरान कोई तनाव या विवाद नहीं होता. यह पूरी प्रक्रिया बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में पूरी की जाती है.
द्वीप की देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
फ्रीजेंट आईलैंड की देखरेख की जिम्मेदारी दोनों देशों की नौसेनाओं को दी गई है. जब द्वीप स्पेन के अधीन होता है, तब स्पेन की नौसेना इसकी सुरक्षा और रखरखाव करती है. जब फ्रांस का समय आता है, तब फ्रांसीसी नौसेना यह कार्यभार संभालती है. प्रशासनिक स्तर पर इरुन और हेंडाये के नगर निगम सफाई और पर्यावरण संरक्षण का काम मिलकर देखते हैं. नदी के बहाव के कारण द्वीप की मिट्टी का कटाव होता रहता है. दोनों देश मिलकर इस कटाव को रोकने के लिए तटबंधों की मरम्मत करवाते हैं.
आम लोगों के जाने पर रोक क्यों?
फ्रीजेंट आईलैंड पर आम पर्यटकों या नागरिकों के जाने की अनुमति नहीं है. केवल वर्ष में कुछ विशेष ऐतिहासिक दिनों या आधिकारिक समारोहों के दौरान ही गिनेचुने अधिकारियों को जाने की अनुमति मिलती है. इस रोक के दो मुख्य कारण हैं. पहला कारण सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा है. दूसरा कारण पर्यावरण और ऐतिहासिक स्मारक का संरक्षण है. द्वीप के बीच में 1659 की संधि की याद में एक पत्थर का बड़ा स्मारक बना हुआ है. इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखना दोनों देशों की प्राथमिकता है. हालांकि, नदी के दोनों किनारों से पर्यटक इस द्वीप को आसानी से देख सकते हैं.
आधुनिक युग में शांति और सहयोग का प्रतीक है यह द्वीप
आज के समय में जब सीमाओं को लेकर दुनिया भर में तनाव देखा जाता है, फ्रीजेंट आईलैंड एक सकारात्मक संदेश देता है. यह द्वीप साबित करता है कि आपसी समझदारी और कूटनीति से जटिल मुद्दों को भी सुलझाया जा सकता है. साढ़े तीन सौ से अधिक वर्षों से दोनों देशों ने इस समझौते का पूरी निष्ठा से पालन किया है. कई बड़े युद्धों और राजनीतिक बदलावों के बावजूद यह व्यवस्था कभी नहीं टूटी. फ्रीजेंट आईलैंड केवल एक जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह फ्रांस और स्पेन के बीच दोस्ती, संतुलन और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का एक अद्भुत प्रतीक है.
इन इलाकों पर भी कई देश करते हैं राज
फ्रीजेंट आईलैंड की तरह दुनिया के अलगअलग हिस्सों में कुछ और क्षेत्र हैं, जिन पर कई देश मिलकर राज करते आ रहे हैं.
- अंटार्कटिका: 1959 की अंटार्कटिक संधि के तहत 50 से अधिक देश इस महाद्वीप का प्रबंधन मिलकर करते हैं. यहां किसी एक देश का मालिकाना हक नहीं है. और इसका उपयोग केवल शांतिपूर्ण व वैज्ञानिक कार्यों के लिए किया जाता है.
- कोंसिएंसिया नदी का हिस्सा: 1872 की संधि के तहत पराग्वे और ब्राजील के बीच बहने वाली पराग्वे नदी के एक द्वीप सालटो डेल गौरा पर दोनों देशों की संयुक्त संप्रभुता मानी जाती है.
- मोसेल नदी का त्रिपक्षीय क्षेत्र: जर्मनी और लक्जमबर्ग की सीमा पर बहने वाली मोसेल, सॉर और हमारी नदियों के जल क्षेत्र पर दोनों देशों का संयुक्त अधिकार है. एक छोटे बिंदु पर फ्रांस भी इस साझा व्यवस्था में शामिल है.
- फोंसेका की खाड़ी: अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के 1992 के फैसले के अनुसार, फोंसेका की खाड़ी के मुख्य जल क्षेत्र पर संयुक्त रूप से अल साल्वाडोर, होंडुरास और निकारागुआ का संयुक्त नियंत्रण और अधिकार है.
- बोडेनसी/लेक कॉन्स्टेंस: यूरोप की यह प्रसिद्ध झील तीन देशों जर्मनी, आस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड के बीच स्थित है. इसके गहरे पानी वाले हिस्से पर कोई निश्चित सीमा रेखा नहीं खींची गई है. तीनों देश इसे संयुक्त रूप से प्रबंधित मानते हैं.
यह जरूरी तथ्य भी जानें
- अंडोरा एक स्वतंत्र देश है, लेकिन इसके राष्ट्राध्यक्ष दो विदेशी पदाधिकारी होते हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति और स्पेन के उरगेल के बिशप.
- स्वालबार्ड द्वीप नॉर्वे की संप्रभुता में है, लेकिन स्वालबार्ड संधि के तहत रूस समेत 40 से अधिक देशों के नागरिकों को यहां बिना वीजा रहने, व्यापार करने और खनन करने का समान अधिकार प्राप्त है.



