इमरजेंसी फंड यानी ऐसी बचत, जो मुसीबत के समय आपके काम आती है. लेकिन कई बार लोगों को समझ नहीं आता कि कौन सा खर्च सच में इमरजेंसी है और किस खर्च के लिए इस पैसे को नहीं छूना चाहिए. मान लीजिए फोन खराब हो गया, छुट्टी का खर्च अचानक आ गया या बीमा की फीस भरनी है. ये खर्च अचानक सामने आ सकते हैं, लेकिन हर बार इनके लिए इमरजेंसी फंड इस्तेमाल करना सही नहीं है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अगर आप छोटीछोटी जरूरतों में यह पैसा खर्च करते रहेंगे, तो बड़ी मुसीबत के समय आपके पास पैसे कम पड़ सकते हैं.

इमरजेंसी फंड का असली काम क्या है?
इस का सबसे बड़ा काम तब मदद करना है, जब आपकी कमाई अचानक बंद हो जाए या कोई बड़ा जरूरी खर्च सामने आ जाए. भारतीय रिजर्व बैंक की वित्तीय शिक्षा सामग्री के अनुसार, कम से कम 3 महीने के जरूरी खर्च जितनी बचत रखना अच्छा माना जाता है. अगर आपकी नौकरी या कमाई पक्की नहीं है, तो करीब 6 महीने या उससे ज्यादा का पैसा अलग रखना बेहतर हो सकता है.
किन खर्चों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?
से घर के जरूरी खर्च पूरे किए जा सकते हैं. जैसे घर का किराया या होम लोन की किस्त, राशन, बिजली का बिल, बच्चों की स्कूल फीस, बीमा की जरूरी किस्त, आनेजाने का खर्च और जरूरी दवाइयां. अगर अचानक नौकरी चली जाती है, तो यही पैसा इन खर्चों को कुछ समय तक चलाने में मदद कर सकता है.
बीमारी में भी काम आएगा इमरजेंसी फंड
अचानक बीमारी या अस्पताल का खर्च भी बड़ी परेशानी बन सकता है. भले ही आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस हो, फिर भी कुछ खर्च आपको अपनी जेब से देना पड़ सकता है.दवाइयां, इलाज का ऐसा खर्च जो बीमा में शामिल नहीं है या दूसरी जरूरी फीस के लिए इमरजेंसी फंड काम आ सकता है.बीमारी के कारण कुछ समय तक काम नहीं कर पाने पर कमाई भी रुक सकती है. ऐसे समय में बचत बहुत मदद करती है.
नौकरी जाने पर सबसे ज्यादा काम आता है
अगर अचानक नौकरी चली जाए, तो नई नौकरी मिलने में कुछ समय लग सकता है. इस दौरान घर का खर्च चलता रहे, इसके लिए इमरजेंसी फंड जरूरी है.
अगर घर में सिर्फ एक व्यक्ति कमाता है, तो ज्यादा बचत रखना समझदारी हो सकती है. वहीं दो लोगों की कमाई वाले परिवार को कुछ कम पैसे का सहारा भी काफी हो सकता है.
घर या गाड़ी की बड़ी मरम्मत भी हो सकती है इमरजेंसी
घर की छत से पानी आने लगे, बिजली की बड़ी खराबी हो जाए या गाड़ी में अचानक महंगी मरम्मत की जरूरत पड़ जाए, तो ऐसे जरूरी खर्च के लिए भी यह पैसा इस्तेमाल किया जा सकता है.लेकिन अगर खर्च को कुछ समय के लिए टाला जा सकता है, तो पहले से की गई दूसरी बचत का इस्तेमाल करना बेहतर है.
किन चीजों के लिए इमरजेंसी फंड न खर्च करें?
छुट्टी मनाने, नया टीवी खरीदने, त्योहार की खरीदारी, बच्चे की पहले से पता स्कूल फीस या किसी चीज की डाउन पेमेंट जैसे खर्चों के लिए अलग से बचत करनी चाहिए.इन खर्चों की पहले से जानकारी होती है, इसलिए इनके लिए अलग पैसा जमा किया जा सकता है.
हर व्यक्ति के लिए फंड की रकम अलग होगी
हर परिवार को एक जैसी रकम की जरूरत नहीं होती. अगर आपके ऊपर ज्यादा ईएमआई है, परिवार में ज्यादा लोग आपकी कमाई पर निर्भर हैं या आपकी कमाई कभी ज्यादा और कभी कम होती है, तो बड़ा इमरजेंसी फंड रखना बेहतर है.समयसमय पर अपनी कमाई और खर्च को देखकर इस फंड की रकम भी बदलते रहना चाहिए.
आखिर में याद रखें, इमरजेंसी फंड का मकसद सबसे ज्यादा पैसा कमाना नहीं, बल्कि मुश्किल समय में आपको कर्ज लेने से बचाना है. जब कोई बड़ी परेशानी आए और आप बिना लोन लिए जरूरी खर्च संभाल सकें, तभी आपका इमरजेंसी फंड सही मायने में काम कर रहा है.



