मानसून में बारबार बदलते तापमान और नमी, बैक्टीरिया पनपने की वजह से फ्लू हो जाता है. खासकर जुकाम होने से नाक बंद होना, कफ के कारण सीने, सिर में दर्द, चेहरे की त्वचा पर पफीनेस, लालिमा जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. इन लक्षणों की वजह से रात में सोते समय खासकर ज्यादा परेशानी होती है. ऐसे में आपके घर में रखी चीजें इससे राहत दिलाने में काफी कारगर हैं. ऐसी ही एक छोटी सी मैजिकल पोटली के बारे में बताया है सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने.

न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने जो पोटली बताई है उसमें महज 3 इनग्रेडिएंट्स की जरूरत होगी जो ज्यादातर घरों में आसानी से उपलब्ध रहते हैं. उनका कहना है कि ये पोटली न सिर्फ बंद नाक को खोलती है, बल्कि कफ में भी राहत दिलाती है और जुकाम की वजह से फेस पर हुई पफीनेस में आराम दिलाने में भी कारगर है. तो चलिए जान लेते हैं कैसे बनाएं पोटली, यूज करने का तरीका और फायदे.

महज 3 इनग्रेडिएंट्स चाहिए

इस पोटली को बनाने के लिए आपको महज तीन इनग्रेडिएंट्स की जरूरत होगी और वो भी बहुत बेसिक हैं.

  • 50 ग्राम अजवाइन
  • 2 कलियां लहसुन
  • 1 छोटा टुकड़ा कपूर
  • पोटली के लिए छोटा कॉटन का टुकड़ा

कैसे बनाएं ये पोटली?

कॉटन के कपड़े में अजवाइन, कपूर और लहसुन की कलियों को बांधकर पोटली बना लें. इसके बाद इसे 2 मिनट के लिए माइक्रोवेव में रख दीजिए. अगर माइक्रोवेव न हो तो तवा गर्म करके पोटली को गरम कर सकते हैं.

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पोटली को यूज करने का तरीका

इस तैयार की गई पोटली से अपने नाक कान के आसपास के हिस्से, सिर के क्राउन वाले एरिया और चेस्ट पर सिकाई करें और तीन दिनों तक इसे लगातार दोहराएं. न्यूट्रिशनिस्ट कहती हैं कि अगर आपके बच्चे को थोड़ी ज्यादा प्रॉब्लम है तो इससे ज्यादा समय तक भी ये पोटली यूज की जा सकती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ये खासकर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, जो अक्सर जुकाम की समस्या से जूझते रहते हैं.

आपको गर्म पोटली से ही सिकाई करनी है, लेकिन ध्यान रखें कि इसे त्वचा पर लगाने से पहले इसका टेम्परेचर जरूर चेक कर लें. ये बहुत ज्यादा गर्म नहीं होनी चाहिए. ये खांसी, सीने में जकड़न और बंद नाक के लिए एक ट्रेडिशनल घरेलू नुस्खा है जो काफी आराम दिलाता है.