Moradabad lift accident: उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद के पॉश ग्रीन ऑर्किड सोसाइटी में एक दर्दनाक हादसा होतेहोते बचा. यहां स्कूल से वापस लौटी चौथी कक्षा की आठ वर्षीय मासूम छात्रा कीर्ति शुक्ला करीब 15 मिनट तक लिफ्ट में जिंदगी और मौत के बीच झूलती रही. घटना के समय बच्ची अपने छोटे भाई के साथ स्कूल से घर आ रही थी. तीसरी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट तक जाने के लिए छोटे भाई ने सीढ़ियों का रास्ता चुना, जबकि छात्रा ने लिफ्ट का इस्तेमाल किया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लिफ्ट ऊपर की ओर बढ़ी, लेकिन अचानक दूसरे फ्लोर पर एक जोरदार धमाके और तेज आवाज के साथ ठप्प हो गई.

उसके भारी दरवाजे पूरी तरह से लॉक हो गए. लिफ्ट के भीतर फैले अंधेरे और घुटन से घबराई मासूम ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी जान बचाने के लिए पूरी ताकत से मदद के लिए चीखनाचिल्लाना शुरू कर दिया. सीढ़ियों से ऊपर चढ़ रहे उसके भाई ने जैसे ही बहन की घबराई हुई चीख सुनी, वह भागकर तुरंत ऊपर गया और परिजनों को घटना की सूचना दी. बदहवास परिजन तत्काल नीचे दौड़े और मुख्य सुरक्षा गार्ड को मौके पर बुलाया, लेकिन तकनीकी खराबी इतनी गंभीर थी कि चाबी लगाने के बावजूद लिफ्ट का मुख्य दरवाजा टस से मस नहीं हुआ, जिससे मौके पर अफरातफरी और तनाव का माहौल बन गया.

बच्ची रोरोकर हो रही थी बदहवास

लिफ्ट का दरवाजा चाबी से भी न खुलने के कारण मौके पर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए. मासूम बच्ची अंदर घुटन और डर के मारे बुरी तरह रोरोकर बदहवास हो रही थी. आपातकालीन स्थिति को देखते हुए सुरक्षा गार्ड ने सूझबूझ से काम लिया और लिफ्ट के अंदर फंसी बच्ची को कहा वह हिम्मत जुटाकर अपने दोनों हाथों से दरवाजे के किनारों को अंदर की तरफ से पकड़कर पूरी ताकत से बाहर खींचने की कोशिश करे. मासूम बच्ची ने डर के बावजूद गार्ड के निर्देशों का पालन किया और अंदर से दरवाजे को खींचना शुरू किया.

करीब 15 मिनट की मशक्कत और कड़ी जद्दोजहद के बाद आखिरकार लिफ्ट का दरवाजा थोड़ा सा खुला, जिसके बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका. इस भयावह हादसे से उबरने के बाद छात्रा कीर्ति शुक्ला ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि लिफ्ट अचानक बड़े धमाके के साथ रुक गई थी और जब चाबी से भी गेट नहीं खुला तो वह पूरी तरह घबरा गई थी.

सोसाइटी के निवासियों में भारी आक्रोश

वहीं इस घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों में बिल्डर और रखरखाव टीम की लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश फैल गया है. लोगों का आरोप है कि ग्रीन ऑर्किड सोसाइटी में 15 दिन पहले भी एक महिला अपने मासूम बच्चे के साथ इसी तरह लिफ्ट में फंसी रही थी. बारबार शिकायतों के बावजूद बिल्डर द्वारा लिफ्ट की समय पर मेंटेनेंस और सर्विसिंग नहीं कराई जा रही है, जिससे बहुमंजिला इमारत में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.