एम्स्टेलवीन। एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सामने अब टूर्नामेंट की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है। दूसरे चरण में भारत का मुकाबला सहमेजबान और मजबूत नीदरलैंड्स से होगा। भारतीय टीम को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए इस मुकाबले में बेहद अनुशासित और आक्रामक खेल दिखाना होगा।

भारत ने अपने पूल मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाई, लेकिन हाल के मैचों में रक्षापंक्ति की कुछ कमजोरियां भी सामने आई हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 53 की जीत के बावजूद भारतीय टीम ने तीन गोल गंवाए, जिससे मजबूत टीमों के खिलाफ डिफेंस को लेकर चिंता बढ़ गई है।
नीदरलैंड्स अपनी तेज रफ्तार, गेंद पर नियंत्रण और घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए जानी जाती है। ऐसे में कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में भारत को पेनल्टी कॉर्नर के साथसाथ फील्ड गोल के मौके भी भुनाने होंगे। भारतीय कप्तान पहले ही टीम से गलतियां कम करने और हर मुकाबले से सीखने की बात कह चुके हैं।
इस मुकाबले में मिडफील्ड की भूमिका बेहद अहम होगी। भारत को नीदरलैंड्स के तेज आक्रमण को रोकने के साथ ही जवाबी हमलों में सटीक पासिंग और फिनिशिंग दिखानी होगी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। एक छोटी रक्षात्मक चूक या पेनल्टी कॉर्नर देना भी भारतीय टीम पर भारी पड़ सकता है।
अब देखना होगा कि क्या भारतीय टीम दबाव के इस बड़े मुकाबले में अपनी गलतियों से सीखकर नीदरलैंड्स को कड़ी टक्कर देती है और सेमीफाइनल की उम्मीदों को मजबूत करती है।



