अगर आपके पास पुराना PF अकाउंट है और उसमें पैसा जमा है, तो यह जानना जरूरी है कि उस रकम पर ब्याज कब तक मिलता रहता है. कई लोगों को लगता है कि नौकरी छोड़ते ही PF अकाउंट पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है. EPFO के नियमों के मुताबिक, सिर्फ नौकरी छोड़ने या दूसरी कंपनी में नौकरी बदलने से PF अकाउंट तुरंत इनऑपरेटिव नहीं होता. कुछ खास परिस्थितियों में ही अकाउंट इनऑपरेटिव होता है और उस पर ब्याज मिलना बंद होता है.

EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए सदस्यों को इन नियमों की जानकारी दी. इसमें बताया गया कि PF अकाउंट कब ब्याज कमाना बंद करता है और पुराने PF बैलेंस को कैसे मैनेज करना चाहिए?
कब बंद होता है PF पर ब्याज?
EPF के नियमों के अनुसार, अगर कोई कर्मचारी 55 साल या उसके बाद रिटायर होता है, तो रिटायरमेंट के तीन साल बाद उसका PF अकाउंट इनऑपरेटिव हो सकता है. इसके बाद उस अकाउंट पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है. हालांकि, अगर कोई व्यक्ति 55 साल से पहले रिटायर हो जाता है, तो उसका PF अकाउंट तुरंत इनऑपरेटिव नहीं होता. ऐसे मामले में अकाउंट 58 साल की उम्र तक ब्याज कमाता रहता है. इसके बाद अकाउंट इनऑपरेटिव हो जाता है.
रिटायरमेंट के बाद कब तक मिलेगा ब्याज?
मान लीजिए कोई व्यक्ति 50 साल की उम्र में रिटायर होता है. ऐसी स्थिति में उसका PF अकाउंट 50 साल की उम्र में ही बंद नहीं होगा. उसे 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहेगा. इसके बाद अकाउंट इनऑपरेटिव होगा. अगर कोई व्यक्ति 55 साल में रिटायर होता है, तो उसका अकाउंट 58 साल की उम्र में इनऑपरेटिव होगा. वहीं, अगर कर्मचारी 58 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो अकाउंट 61 साल की उम्र में इनऑपरेटिव होगा. इसी तरह अगर कोई व्यक्ति 70 साल की उम्र में रिटायर होता है, तो उसका PF अकाउंट 73 साल की उम्र में इनऑपरेटिव हो सकता है.
नौकरी बदलने पर क्या होगा?
नौकरी बदलने से आपका पुराना PF अकाउंट अपने आप इनऑपरेटिव नहीं हो जाता. ऐसे में अपने UAN और रोजगार से जुड़े रिकॉर्ड अपडेट रखना जरूरी है. अगर आप नई नौकरी में चले गए हैं, तो पात्र होने पर पुराने PF बैलेंस को नए अकाउंट में ट्रांसफर करना बेहतर होता है. जरूरत पड़ने पर नियमों के मुताबिक PF निकालने के लिए क्लेम भी किया जा सकता है. पुराने PF अकाउंट में जमा रकम को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अपने UAN की जानकारी और नौकरी से जुड़े रिकॉर्ड सही रखने से PF को मैनेज करना आसान रहता है.
36 महीने का नियम समझना जरूरी
EPFO की जानकारी का सबसे अहम हिस्सा यह है कि 36 महीने यानी तीन साल की अवधि कब शुरू होती है, इसे सही तरीके से समझना जरूरी है. खास तौर पर रिटायरमेंट की उम्र और PF अकाउंट के इनऑपरेटिव होने की तारीख को ध्यान में रखना चाहिए. इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि आपके PF बैलेंस पर ब्याज कब तक मिल सकता है. पुराने PF अकाउंट में जमा पैसा नियमों के अनुसार निकाला जा सकता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसलिए अगर आपका पुराना PF बैलेंस पड़ा है, तो उसे यूं ही छोड़ने के बजाय अपने अकाउंट की स्थिति जरूर जांचें.



