भारत यूरोपीय और ब्रिटिश कंपनियों के लिए देश में निवेश करना आसान बनाने की कोशिश कर रहा है. इसके लिए एक “ग्रीन चैनल” बनाया जा रहा है, जो निवेशकों को खास मदद देगा और सरकारी मंजूरी पाने के प्रोसेस में उनकी सहायता करेगा. यह सिस्टम ‘जापान प्लस’ और ‘कोरिया प्लस’ जैसा ही हो सकता है, जो इन दोनों देशों से आने वाले निवेश प्रस्तावों को आसान और तेज बनाते हैं.

सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने ईटी की रिपोर्ट में कहा कि निवेशकों के आने के प्रोसेस को आसान बनाने के लिए एक सिस्टम बनाया जाएगा. सरकार यह पक्का करना चाहती है कि ट्रेड डील सिर्फ ट्रेड तक ही सीमित न रहें, बल्कि उनसे कैपिटल का प्रवाह भी बढ़े. अधिकारी ने कहा कि सीनियर सरकारी अधिकारी सीधे इस सिस्टम पर नजर रखेंगे ताकि समस्याओं का तेजी से समाधान हो सके.

बातचीत की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि UK ने डिमांड की है कि भारत निवेश से जुड़ी मंजूरी के लिए एक नोडल एजेंसी बनाए और निवेशकों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत एक ‘सिंगल विंडो’ सिस्टम शुरू करे. यूके भारत में निवेश करने वाला छठा सबसे बड़ा देश है.

सितंबर 2024 तक इसने कुल मिलाकर 35 अरब डॉलर का इक्विटी निवेश किया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मार्च 2024 तक UK में भारत का निवेश 19 अरब डॉलर था. वित्त वर्ष 2026 में UK से आने वाला एफडीआई इक्विटी इनफ्लो 1 अरब डॉलर था. पिछले साल जुलाई तक, UK में 971 भारतीय कंपनियां काम कर रही थीं, जिनमें 1 लाख से ज़्यादा लोग काम करते हैं.

हाल ही में किए गए सुधार

  1. इस पहल के जरिए, सरकार यह पक्का करना चाहती है कि यूरोपियन यूनियन और UK के साथ ट्रेड डील सिर्फ गुड्स एंड सर्विसेज के ट्रेड तक ही सीमित न रहें, बल्कि भारत में निवेश को भी बढ़ावा दें.
  2. EU और UK के निवेशकों के लिए एक खास डेस्क बनाने की कोशिश को ‘इंडियाUK कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट’ के बाद तेजी मिली, जो 15 जुलाई से लागू हुआ.
  3. इसी तरह, ‘इंडियाEU FTA’ पर इस साल के आखिर तक साइन होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों पक्षों ने समझौते के टेक्स्ट की कानूनी जांच पूरी कर ली है.
  4. बातचीत की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि ब्रिटेन ने भारत से निवेश से जुड़ी मंजूरी में आसानी के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने और अपने निवेशकों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत एक ‘सिंगल विंडो’ सिस्टम शुरू करने को कहा था.
  5. UK भारत में निवेश करने वाला छठा सबसे बड़ा देश है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2024 तक इसने कुल मिलाकर 35 अरब डॉलर का इक्विटी निवेश किया है.
  6. मार्च 2024 तक UK में भारत का निवेश 19 अरब डॉलर था. पिछले फाइनेंशियल ईयर में UK ने भारत में 1 अरब डॉलर का इक्विटी फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट किया.
  7. जुलाई 2025 तक UK में 971 भारतीय कंपनियां काम कर रही थीं, जिनमें 1,00,000 से ज्यादा लोग काम करते हैं, जबकि भारत में 667 ब्रिटिश कंपनियां मौजूद हैं, जिनमें 5,00,000 से ज्यादा कर्मचारी हैं.
  8. ‘ग्रीन चैनल’ बनाने का प्रस्ताव भारत के हालिया सुधारों को देखते हुए अहम है. इन सुधारों में इंश्योरेंस सेक्टर में 100 फीसदी FDI की इजाजत, बैंकिंग में निवेश की सीमा बढ़ाकर 74 फीसदी करना और बैंक ब्रांच लाइसेंसिंग के नियमों को आसान बनाना शामिल है, जिससे योग्य विदेशी बैंक चार साल की अवधि में 15 ब्रांच खोल सकते हैं.