ज्योतिष शास्त्र में 9 ग्रहों को सबसे खास माना गया है। कहीं न कहीं व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों का प्रभाव जरुर पड़ता है। कुंडली में हर एक ग्रह की स्थिति के अनुसार ही जातको को विभिन्न प्रकार के शुभ और अशुभ परिणाम देखने को मिलते हैं। ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों को मजबूत स्थिति व्यक्ति सफलता, सम्मान और आत्मविश्वास दिलाती है, जबकि उनकी कमजोरी स्थिति के कारण जीवन में कई तरह की पेरशनियां, बांधाओं से घिर जाना, हर एक काम रुकावट आना और मानसिक अस्थिरता का सामना करना पड़ता है।
अक्सर व्यक्ति के कर्म और आदतें भी ग्रहों की शुभ स्थिति को कमजोर कर सकती हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि किन कारणों के चलते ग्रह कमजोर हो जाते हैं।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन आदतों से बचना चाहिए
  धार्मिक मान्यता के अनुसार, गरीब, कमजोर और जरुरतमंद लोगों को परेशान करने से शनि की शुभ स्थिति कमजोर हो जाती है। कहते हैं हमेशा जरुरतमंद लोगों की सहायता करनी चाहिए, इससे जीवन में सकारात्मकता भी बनी रहती है।
  अगर आप बारबार झूठ बोलते हैं, या फिर किसी को धोखा देते हैं और किसी व्यक्ति के साथ छलकपट करते हैं, तो गुरु की स्थिति कमजोर हो जाती है। माना जाता है कि इससे व्यक्ति को जीवन में परेशनियों का सामना करना पड़ सकता है।
  आपके घर में सुंदरसुंदर पौधे लगे हैं, लेकिन आप समय पर पानी नहीं दे रहे हैं और उन्हें लगातार सूखा रखते हैं, तो यह बिल्कुल ठीक नहीं है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसा करने से घर की सुखसमृद्धि प्रभावित होती है। पौधों की हमेशा देखभाल करें और नियमित रुप से पानी दें। वहीं, घर में लंबे समय तक सूखे या खराब पौधों को न रखें।
  ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जो व्यक्ति लालच या गलत तरीकों से कमाया हुआ धन शुक्र ग्रह की शुभ स्थिति को कमजोर करता है। यह भौतिक सुख, प्रेम और प्रभाव में मुश्किलें लेकर आता है।
  ज्योतिषी के अनुसार, अगर आप गिलास में पानी छोड़ देते हैं, तो यह चंद्रमा की स्थिति को खराब कर देता है। ऐसा करने से तनाव बढ़ता है और मन लगातार अस्थिर रहता है। इसलिए पानी को व्यर्थ नहीं करना चाहिए।