ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में चैटजीपीटी का अगला रूप व्यक्ति की अनुमति से उसके कंप्यूटर पर चल रही गतिविधियों, बैठकों और बातचीत को समझकर काम में मदद कर सकता है।
हाल ही में जेड फेलोज के संस्थापक कोरी लेवी के साथ बातचीत में ऑल्टमैन से पूछा गया कि ऐसा सहायक कब वास्तव में उपयोगी हो सकता है। उन्होंने करीब छह महीने का अनुमान दिया। हालांकि, यह किसी नए उत्पाद की घोषणा या तय समयसीमा नहीं है। ऑल्टमैन ने न तो किसी खास उत्पाद का नाम बताया है और न ही इसकी शुरुआत की तारीख की पुष्टि की है।
ऑल्टमैन के मुताबिक, भविष्य का ऐसा सहायक उपयोगकर्ता की अनुमति से कंप्यूटर की स्क्रीन देख सकता है, बैठकों में मौजूद रह सकता है और बातचीत को दर्ज कर सकता है। इसके अलावा उसे ईमेल, संदेश, दस्तावेज और स्लैक जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकेगा। इसका मकसद व्यक्ति की जगह फैसले लेना नहीं, बल्कि उसके साथ काम करते हुए जरूरी जानकारी और संदर्भ उपलब्ध कराना होगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति ग्राहक के लिए बिक्री प्रस्ताव तैयार कर रहा है या किसी योजना पर काम कर रहा है, तो सहायक उसके पास मौजूद दूसरी जानकारियों को देखते हुए सुझाव दे सकता है। वह किसी संभावित गलती की ओर ध्यान दिलाने या कोई काम पूरा करने में मदद कर सकता है। ऑल्टमैन का मानना है कि अगली पीढ़ी के मॉडल के बाद ऐसी व्यवस्था काफी उपयोगी हो सकती है।
गौरतलब है कि एआई में लगातार संदर्भ बनाए रखने की दिशा में पहले से काम चल रहा है। चैटजीपीटी में स्मृति जैसी सुविधा मौजूद है, जिसके जरिए पिछली बातचीत से जुड़ी कुछ जानकारियों का इस्तेमाल जवाबों को अधिक उपयोगी बनाने के लिए किया जा सकता है। उपयोगकर्ता अपनी स्मृति और बातचीत से जुड़ी सेटिंग को नियंत्रित भी कर सकते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने भी स्क्रीन आधारित सहायक की दिशा में काम किया है। उसके विंडोज कंप्यूटरों में रिकॉल नाम की सुविधा के जरिए स्क्रीन की गतिविधियों के चित्र सुरक्षित किए जा सकते हैं। कंपनी के अनुसार यह सुविधा उपयोगकर्ता की सहमति पर आधारित है और इसमें जानकारी को रोकने, हटाने तथा रिकॉर्ड होने वाली सामग्री को नियंत्रित करने के विकल्प दिए गए हैं।
हालांकि, ऐसे सहायक के साथ निजता और सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होगी। किसी व्यक्ति की स्क्रीन, ईमेल, बैठक और निजी बातचीत तक पहुंच रखने वाली तकनीक में यह बेहद जरूरी होगा कि उपयोगकर्ता को साफ तौर पर पता हो कि कौनसी जानकारी देखी जा रही है और उसका इस्तेमाल किस तरह हो रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, सैम ऑल्टमैन का छह महीने वाला अनुमान केवल संभावित समय है, आधिकारिक घोषणा नहीं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि ओपनएआई भविष्य में इस तकनीक को किस रूप में पेश करता है और उपयोगकर्ताओं को अपनी जानकारी पर कितना नियंत्रण देता है।
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