Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद सीज की गई करीब 398 किलोग्राम हल्दी पाउडर के गायब होने का मामला सामने आया है. खाद्य विभाग को आशंका है कि प्रयोगशाला जांच में मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए गए इस हल्दी पाउडर को रिपोर्ट आने से पहले ही कारखाने से निकालकर बाजार में खपा दिया गया. मामले में चकेरी पुलिस ने फर्म मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

मामला चकेरी द्वितीय औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स श्यामा ट्रेडर्स का है. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 11 जून को एफ27 स्थित फैक्ट्री का निरीक्षण किया था. उस समय खाद्य कारोबारकर्ता आशीष कुमार चौरसिया मौके पर मौजूद थे, जबकि फैक्ट्री के मालिक और खाद्य लाइसेंसधारक के रूप में विजय चौरसिया का नाम सामने आया था.
सीज की गई हल्दी गायब
निरीक्षण के दौरान टीम को 16 बोरियों में करीब 400 किलोग्राम हल्दी पाउडर मिला. उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर विभाग ने करीब दो किलोग्राम हल्दी का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा. शेष करीब 398 किलोग्राम हल्दी पाउडर, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.19 लाख रुपये बताई गई है, को सीज कर सुरक्षित अभिरक्षा में फैक्ट्री के जिम्मेदार व्यक्ति को सौंप दिया गया था.
फ्रैक्ट्री मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
इसके बाद 10 अगस्त को प्रयोगशाला की रिपोर्ट विभाग को मिली. जांच में हल्दी पाउडर को खाने में इस्तेमाल के लिए असुरक्षित पाया गया. रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने 11 अगस्त को फैक्ट्री का दोबारा निरीक्षण किया. इस दौरान टीम को वहां सीज की गई करीब 398 किलोग्राम हल्दी पाउडर नहीं मिली. पूछताछ और जांच में सामने आया कि सीज किया गया माल फैक्ट्री से हटा दिया गया था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चकेरी थाने में तहरीर दी.
हल्दी की तलाश में जुटी टीमें
खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार की तहरीर पर पुलिस ने फैक्ट्री मालिक विजय चौरसिया, खाद्य कारोबारकर्ता आशीष कुमार चौरसिया और रिंकू चौरसिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इसके अलावा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 60 के तहत भी कार्रवाई की गई है. अब पुलिस और खाद्य विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि सीज की गई हल्दी आखिर कहां गई और क्या उसे रिपोर्ट आने से पहले बाजार में बिक्री के लिए भेज दिया गया था. यदि ऐसा हुआ है तो असुरक्षित हल्दी कितने लोगों तक पहुंची, इसकी भी जांच की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी.



