अगर आप भी अपने पोर्टफोलियो में किसी मजबूत एफएमसीजी शेयर को शामिल करने की योजना बना रहे हैं, तो पतंजलि फूड्स एक शानदार विकल्प साबित हो सकता है. दुनिया की जानीमानी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस कंपनी के शेयरों पर अपना भरोसा जताते हुए इसे ‘बाय’ यानी खरीदने की रेटिंग दी है. ब्रोकरेज का मानना है कि यह शेयर आने वाले समय में निवेशकों को करीब 60 फीसदी तक का शानदार रिटर्न दे सकता है. फिलहाल बाजार में यह शेयर 351 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है, जिसे देखते हुए भविष्य के लिए 560 रुपये का बड़ा टारगेट तय किया गया है.

शानदार रिटर्न की मजबूत उम्मीद

जेफरीज ने पतंजलि फूड्स के वित्तीय भविष्य को लेकर काफी सकारात्मक अनुमान जताए हैं. ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 12 महीनों की संभावित कमाई के हिसाब से यह शेयर फिलहाल करीब 23 गुना के वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है. एक्सपर्ट्स का गणित कहता है कि वित्त वर्ष 2026 से 2029 के बीच कंपनी का मुनाफा 23 प्रतिशत की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ सकता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा, कंपनी की पूंजी पर रिटर्न में भी 590 बेसिस पॉइंट के सुधार की उम्मीद है, जिससे यह आंकड़ा 18 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. इन्ही मजबूत आंकड़ों को आधार बनाकर जेफरीज ने ‘समऑफदपार्ट्स’ मॉडल के जरिए इस शेयर का लक्ष्य 560 रुपये निर्धारित किया है.

पहली तिमाही के बंपर नतीजे

कंपनी ने हाल ही में अपनी पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं, जिन्होंने बाजार के जानकारों को भी हैरान कर दिया. इस दौरान पतंजलि फूड्स का कुल रेवेन्यू 29 प्रतिशत के जोरदार उछाल के साथ 11,300 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया. खास बात यह है कि कमाई का यह आंकड़ा जेफरीज के अनुमानों से भी करीब 20 प्रतिशत अधिक रहा. मुनाफे की बात करें तो, कंपनी के एबिटडा में 69 प्रतिशत तथा शुद्ध मुनाफे में 86 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि कंपनी का कारोबार सही दिशा में तेजी से बढ़ रहा है.

खाद्य तेल कारोबार बना तारणहार

पतंजलि फूड्स की इस बड़ी सफलता के पीछे उसके एडिबल ऑयल बिजनेस का सबसे अहम योगदान है. इस सेगमेंट ने अब तक का अपना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है. इसका रेवेन्यू 27 प्रतिशत बढ़कर 8,500 करोड़ रुपये हो गया है. विशेषकर सरसों के तेल की मांग में भारी इजाफा देखा गया. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव तथा कमोडिटी बाजार में महंगाई के कारण तेल की कीमतों में जो बढ़ोतरी हुई, उसका सीधा फायदा कंपनी के मुनाफे में दिखा है. इस हिस्से का एबिट सालाना आधार पर लगभग पांच गुना बढ़ गया है. वहीं, कंपनी का प्लांटेशन कारोबार भी 25 प्रतिशत बढ़ा है, जिसका खेती वाला इलाका अब 1.16 लाख हेक्टेयर तक फैल चुका है. मैनेजमेंट ने अगले वित्त वर्ष में खाद्य तेल के वॉल्यूम में 3 से 5 प्रतिशत ग्रोथ हासिल करने का लक्ष्य रखा है.

एफएमसीजी बिजनेस की बढ़ती ताकत

तेल के अलावा कंपनी का फूड्स एवं एफएमसीजी बिजनेस भी तेजी से विस्तार कर रहा है. इस सेगमेंट के रेवेन्यू में 28 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है. इसमें बिस्किट कारोबार ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए 560 करोड़ रुपये की कमाई की है. इसका मार्जिन भी बढ़कर 15.4 प्रतिशत हो गया है. हालांकि, कच्चे माल के महंगे होने की वजह से इस सेगमेंट के मुनाफे पर थोड़ा दबाव जरूर पड़ा है क्योंकि कंपनी लागत बढ़ने का पूरा भार सीधे ग्राहकों पर नहीं डाल सकी. फिर भी, जेफरीज को पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में जब कच्चे माल की कीमतें सामान्य होंगी, तो इस कारोबार के मार्जिन में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.

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