Mayawati Statement On OBC Community: उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी कमर पूरी तरह कस ली है। बसपा अध्यक्ष मायावती के कड़े निर्देशों के बाद पार्टी ने अब अपने उम्मीदवारों के चयन की रफ्तार को काफी तेज कर दिया है। बसपा की योजना जुलाई महीने के अंत तक 100 से अधिक प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करने की है।

मिशन 2027 के लिए मायावती का बड़ा दांव, जुलाई के अंत तक घोषित करेगी 100 से ज्यादा उम्मीदवार; जानें पूरा प्लान​
मिशन 2027 के लिए मायावती का बड़ा दांव, जुलाई के अंत तक घोषित करेगी 100 से ज्यादा उम्मीदवार; जानें पूरा प्लान​

चुनाव से काफी पहले टिकट फाइनल करने की परंपरा

बसपा राजनीतिक गलियारे में एकमात्र ऐसी पार्टी बनकर उभरी है, जिसने चुनाव से करीब 10 महीने पहले ही अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अब तक करीब 10 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम सहमति भी बन चुकी है। इस रणनीति का मुख्य मकसद जनता के बीच उम्मीदवारों की पकड़ मजबूत करना है।

जिलों में शुरू होंगे बड़े कार्यकर्ता सम्मेलन

मायावती के निर्देश पर अब सभी जिलों में संभावित उम्मीदवारों की मदद और जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में बसपा के वरिष्ठ पदाधिकारी हिस्सा लेंगे, ताकि कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाया जा सके। पार्टी का मानना है कि इन सम्मेलनों की सफलता ही चुनाव में उनके टिकट के दावों को पुख्ता और मजबूत करेगी।

अयोध्या और अकबरपुर से जनसभाओं की शुरुआत

पार्टी ने लोगों के बीच उम्मीदवारों पर भरोसा कायम करने के लिए कई बड़े जिलों में जनसभाओं का पूरा कार्यक्रम तय कर लिया है। इन जनसभाओं की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्रों अयोध्या और अकबरपुर से होने जा रही है। इन दोनों ही बड़ी जनसभाओं को बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी संबोधित करेंगे।

असंतोष का फायदा उठाने की करेंगी कोशिश

इस बार बसपा की नजर भारतीय जनता पार्टी और के असंतुष्ट नेताओं पर टिकी है। मायावती खुद रोजाना कई बड़े नेताओं से मुलाकात कर उन्हें बसपा में शामिल कर रही हैं। इन नेताओं को चुनाव में उनकी उम्मीदवारी तय करने का पूरा आश्वासन दिया जा रहा है। इसके अलावा, बसपा छोटे दलों को खुद में विलय करने के बजाय उनके प्रमुख नेताओं को सीधे पार्टी की सदस्यता दिलाकर अपने पाले में ला रही है।

ओबीसी समाज से बोलीं सत्ता की चाबी हाथ में लें

चुनाव की तैयारियों के बीच ने मंगलवार को एक बड़ा लिखित बयान जारी करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग समाज को सीधी नसीहत दी है। मायावती ने कहा कि ओबीसी समाज को अगर अपनी मौजूदा हालत में सुधार करना है, तो उन्हें अपनी किस्मत पर रोना बंद करना होगा। इस समाज के लिए रोना कोई समाधान नहीं है, बल्कि उन्हें सत्ता की ‘मास्टर चाबी’ सीधे अपने हाथों में लेनी होगी।

विरोधियों को बताया जातिवादी

मायावती ने अपने बयान में विरोधी राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें पूरी तरह जातिवादी और संकीर्ण मानसिकता वाला बताया। उन्होंने दावा किया कि विरोधी पार्टियों का रवैया हमेशा से ओबीसी समाज के प्रति बेहद खराब रहा है। इन पार्टियों ने राजनीतिक और चुनावी स्वार्थ के कारण ही कभी किसी ओबीसी वर्ग के व्यक्ति को आगे बढ़ाया है, जबकि ओबीसी समाज का असली हित और सुरक्षा सिर्फ और सिर्फ बसपा के साथ ही संभव है।