राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई जारी है. इस मुद्दे पर सियासत भी तेज है. विपक्ष सरकार पर हमलावर है. इस बीच सूबे के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की प्रतिक्रिया आई है. पाठक ने कहा कि उन आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी जिनकी वजह से चंपत राय ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिया है. इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी.

बता दें कि चंपत राय और सदस्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने दान चोरी मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है. उधर, अयोध्या पुलिस ने आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टीनू यादव को भी पकड़ लिया है. यह गिरफ्तारी राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज होने के बाद हुई है, जिसकी ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने दर्ज कराई थी.
एफआईआर में 9 नामजद, कई अज्ञात
एफआईआर में मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन में शामिल कई कर्मचारियों की आपराधिक साज़िश का आरोप लगाया गया है. इन लोगों पर व्यवस्थित चोरी, गबन और भक्तों द्वारा दान किए गए धन के सुनियोजित हेरफेर का आरोप है. मामले में 9 लोगों को मुख्य संदिग्ध के तौर पर नामजद किया गया है,. साथ ही कई अज्ञात भी शामिल हैं.
आरोपियों में कौनकौन?
नामजद आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर यादव उर्फ टीनू और आशुतोष तिवारी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि प्रभारी अधिकारी की देखरेख में उन्होंने शुरुआती कागजी कार्रवाई पूरी कर ली है. साथ ही शिकायतकर्ता को एफआईआर की कॉपी दे दी है.
पवन पांडे ने लगाया था ये आरोप
कथित वित्तीय गड़बड़ियों की आगे की जांच के लिए मामला अयोध्या के सर्कल ऑफिसर को सौंप दिया गया है. यह कदम अयोध्या से सपा के पूर्व विधायक पवन पांडे के आरोपों के बाद उठाया गया, जिन्होंने दावा किया था कि राम मंदिर के लिए मिले 7 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये के चंदे का गबन किया गया. इन दावों के जवाब में राज्य सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर कथित घोटाले की जांच के लिए 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया था.



