
देश के मशहूर टीचर और ‘खान ग्लोबल स्टडीज़’ के फाउंडर खान सर (फैज़ल खान) की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिख रही हैं। एक तरफ़, वे पहले से ही फायरिंग मामले को लेकर सुर्खियों में हैं, वहीं अब दिल्ली हाई कोर्ट में उनके खिलाफ़ 2 करोड़ रुपये का मानहानि का केस भी दायर किया गया है। ‘आज तक’ की मैनेजिंग एडिटर अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे ग्रुप की ओर से दायर इस याचिका ने पूरे विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।
आरोप है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर की गई कुछ टिप्पणियों और वीडियो के ज़रिए उनकी छवि को नुकसान पहुँचाया गया। इस मामले में खान सर के साथ-साथ कई अन्य टीचरों के नाम भी शामिल हैं। ऐसे में, सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह विवाद अब कोर्ट तक पहुँच गया है और शिक्षा जगत से लेकर मीडिया इंडस्ट्री तक हर कोई इस मामले पर नज़र रखे हुए है।
अंजना ओम कश्यप-खान सर का मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुँचा
दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में खान सर, अभिनव सर और बबीता त्यागी समेत कुल आठ लोगों को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं।
याचिका में YouTube, Facebook, Instagram और X पर संबंधित वीडियो और पोस्ट को हटाने की भी मांग की गई है। साथ ही, कोर्ट के सामने 2 करोड़ रुपये के मुआवज़े की मांग भी रखी गई है।
केस के बाद अभिनव सर ने क्या कहा?
टीचर अभिनव सर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पूरे मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ़ 2 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा किया गया है। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना किसी भी व्यक्ति का कानूनी अधिकार है और वे इसका सम्मान करते हैं।
अभिनव सर ने यह भी कहा कि उनके पास अपना पक्ष साबित करने के लिए पर्याप्त तथ्य और सवाल हैं, जिन्हें वे कोर्ट के सामने रखेंगे। उनके अनुसार, सच का फैसला कोर्ट में होगा, न कि सोशल मीडिया पर। हालाँकि, इस मामले में खान सर समेत अन्य 7 लोगों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
कुछ समय से YouTube टीचरों और मुख्यधारा की मीडिया की भूमिका को लेकर बहस तेज़ हो गई थी। इसी बीच, अंजना ओम कश्यप की कुछ कथित टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। NEET पेपर लीक और CBSE परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान, कोचिंग संस्थानों और ऑनलाइन पढ़ाने वाले शिक्षकों की भूमिका पर सवाल उठाए गए। आरोप है कि इस बहस के दौरान कुछ शिक्षकों के लिए विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद कई शिक्षकों ने पब्लिक फ़ोरम और सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, खान सर समेत कई शिक्षकों के वीडियो और बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इस मुद्दे पर समर्थन और विरोध, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। इस विवाद से जुड़े वीडियो, पोस्ट और मीम्स YouTube, Facebook, Instagram और X पर बड़ी संख्या में शेयर किए गए। देखते ही देखते यह मामला शिक्षा और मीडिया से जुड़ी राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया।
फायरिंग मामले में भी बढ़ीं खान सर की मुश्किलें
मानहानि के मामले के अलावा, फायरिंग मामले को लेकर भी खान सर का नाम चर्चा में है। शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में उनके सरेंडर करने की अटकलें लगाई जा रही थीं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, दिन भर चली चर्चाओं के बावजूद, न तो उन्होंने सरेंडर किया और न ही उनके वकील की ओर से अग्रिम ज़मानत (anticipatory bail) के लिए कोई याचिका दायर की गई। उम्मीद है कि सोमवार को इस मामले में कोई बड़ी जानकारी सामने आ सकती है।
इस मामले में पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही है। संभावित गतिविधियों को देखते हुए पटना सिविल कोर्ट परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए थे। अब एक तरफ दिल्ली हाई कोर्ट में दायर 2 करोड़ रुपये का मानहानि का मामला और दूसरी तरफ फायरिंग मामले की जांच ने खान सर की कानूनी चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।



