Himachal Se: Lucky Remedies On Nirjala Ekadashi : 25 जून को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। निर्जला एकादशी को साल की सबसे महत्वपूर्ण और श्रेष्ठ एकादशी बताया गया है। हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। धर्म ग्रथों में जो व्यक्ति यह व्रत रखता है उसे 24 एकादशियों के बराबर फल मिलता है।

निर्जला एकादशी व्रत का आध्यात्मिक महत्व
स्कंद पुराण में व्रत की महिमा का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत रखने पर पूरे साल की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल मिलता है। ऐसा कहा जाता है कि इससे व्यक्ति के पाप, रोग और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
निर्जला एकादशी के दिन कौन से उपाय करें ?
- जल का दान करें: ज्येष्ठ मास की भीषण गर्मी में प्यासों को पानी पिलाना, छबील या प्याऊ लगाना बहुत पुण्यदायी है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा किसी जरूरतमंद को जल से भरा घड़ा , छाता, पंखा और मौसमी फल दान करें।
- विष्णुलक्ष्मी की पूजा:निर्जला एकादशी के दिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल, और पीले फल अर्पित करें।
- मंत्र जाप: पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें और सुखसमृद्धि के लिए विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
- तुलसी के उपाय: तुलसी के पौधे के सामने शाम को घी का दीपक जलाएं और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करते हुए पौधे की परिक्रमा करें।
- कर्ज मुक्ति के उपाय: निर्जला एकादशी के दिन जल, अन्न, घी, गुड़, और कुछ दक्षिणा किसी गरीब या ब्राह्मण को दान करने से मिलती है।
- चांदी का सिक्का: एकादशी की रात को पवित्र वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने बैठें। एक पीले कपड़े में चांदी का एक सिक्का या साधारण सिक्का और थोड़ी सी हल्दी की गांठें रखें। इसके बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।
पूजा के बाद इस पोटली को रात भर भगवान के चरणों में रहने दें और अगली सुबह इसे अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर छिपाकर रख दें। यह उपाय धन को आकर्षित करता है।



