Himachal Se: Saraswati Vandana for Children: मां सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी माना जाता है। कहते हैं इनकी उपासना से बुद्धि तेज होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। विशेष रूप से बच्चों को तो जरूर ही मां शारदा की आराधना करनी चाहिए। कहा जाता है कि जो बच्चा नियमित रूप से मां सरस्वती की वंदना का पाठ करता है उसे पढ़ाईलिखाई में कभी कोई दिक्कत नहीं आती और उसकी याददाश्त अच्छी रहती है। यदि आपका बच्चा भी पढ़ने के कुछ समय बाद भूल जाता है तो उसके लिए मां सरस्वती की इस दिव्य वंदना का पाठ बेहद फलदायी साबित हो सकता है।

अगर रोज सुबह स्कूल जाने से पहले बच्चों को मां सरस्वती की इस वंदना का पाठ कराने की आदत डाली जाए, तो इससे न केवल बच्चे की क्लास परफॉर्मेंस शानदार रहेगी बल्कि उसके आत्मविश्वास में भी जबरदस्त वृद्धि देखने को मिलेगी।
सरस्वती वन्दना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सारपरमामाद्यां
जगद्व्यापिनींवीणापुस्तकधारिणीमभयदां।
जाड्यान्धकारापहाम्हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं
पद्मासने संस्थिताम्वन्दे तां परमेश्वरीं
भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥2॥
सरस्वती वंदना का अर्थ जो विद्या की देवी भगवती सरस्वती कुन्द के फूल, चन्द्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणादण्ड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा, विष्णु एवं शंकर आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, वही सम्पूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली मां सरस्वती हमारी रक्षा करें।
शुक्लवर्ण वाली, सम्पूर्ण चराचर जगत् में व्याप्त, आदिशक्ति, परब्रह्म के विषय में किए गए विचार एवं चिन्तन के सार रूप परम उत्कर्ष को धारण करने वाली, सभी भयों से भयदान देने वाली, अज्ञान के अंधेरे को मिटाने वाली, हाथों में वीणा, पुस्तक और स्फटिक की माला धारण करने वाली और पद्मासन पर विराजमान् बुद्धि प्रदान करने वाली, सर्वोच्च ऐश्वर्य से अलङ्कृत, देवी सरस्वती की मैं वन्दना करता हूं या करती हूं।
सरस्वती वंदना का पाठ करने की विधि
- सरस्वती वंदना का पाठ सुबहसुबह करना बेहद शुभ माना जाता है इसलिए बच्चों को स्कूल जाने से पहले इस वंदना का पाठ कराएं।
- वंदना का पाठ करने से पहले मां सरस्वती की प्रतिमा के आगे दीपक जलाएं।
- इसके बाद बच्चे को पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुख करके बिठा दें।
- इसके बाद बच्चे को इस वंदना का कम से कम 3 बार पाठ करने के लिए कहें।
- जब बच्चा रोजाना इसका पाठ करने लगेगा तो कुछ ही दिनों में उसे ये वंदना अच्छे से याद हो जाएगी।
इस वंदना का पाठ करने के फायदे
- कहते हैं इस वंदना का पाठ करने से बच्चे की याददाश्त मजबूत होती है। जिससे बच्चे को लंबे समय तक पढ़ा हुआ याद रहता है।
- इस वंदना को पढ़ने से वाणी में भी सुधार आता है। जब बच्चा संस्कृत में लिखी गई इस वंदना का सही से उच्चारण करता है तो उसकी जुबान साफ होती है।
- इसके पाठ से बच्चों के आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होती है।



