
फतेहपुर : उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला कत्लकांड सामने आया है, जिसकी स्क्रिप्ट किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को भी मात दे दे। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक आपत्तिजनक तस्वीर ने सात समंदर पार (गुजरात में) बैठे एक पति के भीतर ऐसा खूंखार दरिंदा जगाया कि उसने अपनी पत्नी के साथ मिलकर खूनी खेल रच डाला।
यूट्यूब (YouTube) से सबूत मिटाने के तरीके सीखने से लेकर, बाजार से नई ग्राइंडर मशीन खरीदकर लाश के टुकड़े-टुकड़े करने और फिर जंगल में पेट्रोल डालकर शव को स्वाहा करने तक इस दंपती ने कत्ल की एक ऐसी खौफनाक ‘मास्टरक्लास’ तैयार की जिसे सुनकर कानून के रखवालों की भी रूह कांप गई। पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस और कॉल डिटेल्स (CDR) के आधार पर आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पहली नजर का प्यार और 8 महीने का वो ‘राज’
यह खौफनाक दास्तान बकेवर थाना क्षेत्र के टिकरा गांव निवासी 20 वर्षीय विजय निषाद और हमीरपुर जिले के मनकी गांव निवासी किरन देवी के बीच शुरू हुई थी। किरन की अपने पड़ोसी के घर में रिश्तेदारी थी, जहां विजय का आना-जाना था। पहली ही मुलाकात में दोनों के बीच प्यार हो गया।
किरन का पति कामता निषाद गुजरात में नौकरी करता था, जिसकी गैरमौजूदगी में पिछले 8 महीनों से विजय और किरन के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खा ली थीं। इसी बीच, विजय ने किसी बात से नाराज होकर किरन की कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। जब यह तस्वीरें इंटरनेट के जरिए गुजरात में काम कर रहे पति कामता तक पहुंचीं, तो उसका खून खौल उठा। वह नौकरी छोड़कर तुरंत गांव लौट आया।
हनी ट्रैप जैसी साजिश: फोन कर प्रेमी को बुलाया, चौखट से सिर कूंचा
पति-पत्नी के बीच इस बात को लेकर पहले तो भयंकर विवाद हुआ, लेकिन बाद में किरन का झुकाव अपने पति की तरफ हो गया और दोनों ने मिलकर विजय को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीती 8 मई को किरन ने मीठी-मीठी बातें कर विजय को फोन करके अपने घर बुलाया। विजय हमीरपुर जाने की बात कहकर अपने घर से निकला था और सीधे किरन के घर पहुंच गया। वह जैसे ही कमरे में दाखिल हुआ, वहां पहले से घात लगाकर बैठे पति कामता निषाद ने लकड़ी के भारी चौखट से विजय के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। विजय की मौके पर ही मौत हो गई।
जब लाश अकड़ गई, तो बाजार से खरीद लाए ग्राइंडर मशीन
हत्या के बाद दंपती ने दिनभर शव को घर के भीतर छिपाकर रखा। रात के सन्नाटे में वे शव को बोरे में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भीषण गर्मी के कारण विजय का शव पूरी तरह अकड़ चुका था, जिससे वह बोरे में नहीं आ रहा था।
इसके बाद दोनों ने जो किया, वह किसी के भी होश उड़ा दे। दोनों सुबह बाजार गए और वहां से एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर (लोहा-लकड़ी काटने वाली मशीन) खरीदकर लाए। घर के भीतर ही ग्राइंडर मशीन चलाकर विजय के हाथ और पैर काटे गए। इसके बाद शव के टुकड़ों को बोरे में बंद कर मोटरसाइकिल पर लादा गया और कानपुर क्षेत्र के रेउना थाना अंतर्गत तहरापुर गुरैया के घने जंगलों में ले जाकर पेट्रोल छिड़ककर पूरी तरह जला दिया गया। आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए विजय का मोबाइल, एटीएम, पैनकार्ड, जूते और चश्मा भी खेतों में नष्ट कर छिपा दिए थे।
इंटरनेट पर सर्च किया जेल में क्या सुविधाएं मिलती हैं?
पुलिस की पूछताछ में आरोपी दंपती ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया। दोनों ने बताया कि हत्या करने से पहले उन्होंने कई दिनों तक यूट्यूब और इंटरनेट पर रिसर्च की थी। वे गूगल पर सर्च कर रहे थे कि:
- कत्ल के बाद सबूतों को पूरी तरह कैसे मिटाया जाए?
- पकड़े जाने पर पुलिस कौन-कौन सी धाराएं (BNS/IPC) लगाती है?
- इन धाराओं से बचने के कानूनी उपाय क्या हैं?
- इस अपराध में कितने साल की सजा होती है और जेल के भीतर क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
एक गलती और खुल गया राज: 10 मई को विजय के परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब सर्विलांस के जरिए विजय का फोन ट्रैक किया, तो उसकी अंतिम लोकेशन किरन के घर के पास मिली। शक होने पर जब महिला दरोगा ने किरन को फोन मिलाया, तो वह बुरी तरह घबरा गई और हड़बड़ाहट में फोन काट दिया। बस, इसी एक कटे हुए फोन कॉल ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया और पूरी मिस्ट्री का पर्दाफाश हो गया।
परिजनों का संगीन आरोप अकेले नहीं कर सकते कत्ल, पत्नी गर्भवती है
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जंगल से शव के जले हुए अवशेष, कत्ल में इस्तेमाल बाइक, ग्राइंडर मशीन और लकड़ी का चौखट बरामद कर लिया है। कामयाबी हासिल करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
हालांकि, मृतक विजय के परिजनों ने पुलिस थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का दावा है कि इस जघन्य हत्याकांड में गांव के कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। उनका तर्क है कि आरोपी महिला किरन इस समय गर्भवती (प्रेग्नेंट) है और उसके पति कामता के पैर में रॉड लगी हुई है, ऐसे में दो लाचार लोग अकेले 20 साल के नौजवान की हत्या कर, उसकी लाश के टुकड़े कर जंगल तक नहीं ले जा सकते। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डीएनए (DNA) जांच के बाद यदि किसी और की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा।



