Himachal Se: Jalgaon News: महाराष्ट्र के जलगांव जिले के रावेर तालुका स्थित बोरखेड़ा हत्याकांड मामले में भुसावल जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी महेंद्र सीताराम बारेला को फांसी की सजा सुनाई है. यह मामला राज्य के सबसे चर्चित और जघन्य अपराधों में गिना जाता है, जिसने वर्ष 2020 में पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया था. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर महेंद्र सीताराम बारेला को दोषी मानते हुए कठोरतम सजा सुनाई.

नाबालिग से दुष्कर्म के बाद 4 लोगों की हत्या
यह दिल दहला देने वाली घटना 15 अक्टूबर 2020 की मध्यरात्रि की है. आरोप है कि महेंद्र सीताराम बारेला ने बोरखेड़ा इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया था. अपराध को छिपाने और सबूत मिटाने की नीयत से आरोपी ने नाबालिग पीड़िता समेत उसके तीन अन्य भाईबहनों की भी निर्मम हत्या कर दी थी. घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. मामले की गंभीरता और चार मासूम बच्चों की हत्या ने लोगों को झकझोर दिया था. इस घटना को लेकर राज्यभर में आक्रोश का माहौल बन गया था और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठी थी.
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली सुनवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन गृह मंत्री ने इस प्रकरण को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का निर्णय लिया था, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सरकार की ओर से मामले की पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया गया था. इसके बाद मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ाई गई. अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष कई महत्वपूर्ण तथ्य और सबूत पेश किए.
27 गवाहों की गवाही बनी अहम आधार
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 27 गवाहों के बयान दर्ज किए गए. गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं. अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कहा कि यह अपराध अत्यंत गंभीर और अमानवीय श्रेणी का है. इसी आधार पर अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाने का फैसला लिया.
हाई कोर्ट की मंजूरी के बाद अंतिम फैसला
विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बताया कि सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को अंतिम कानूनी मंजूरी के लिए पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भेजी जाएगी. उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में सुनवाई के बाद ही सजा पर अंतिम मुहर लगेगी. निकम ने कहा कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ श्रेणी का अपराध है, जिसमें दोषी ने न सिर्फ एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया बल्कि चार लोगों की हत्या कर समाज को झकझोर देने वाला अपराध किया है.



