Himachal Se: आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर जागरूक हो गए हैं। डाइट से लेकर अपनी फिटनेस तक का ख्याल रखते हैं। लेकिन अक्सर जिस एक चीज में चूक जाते हैं वो है खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑयल का। कुकिंग ऑयल को लेकर बहुत लोग ज़्यादा ध्यान नहीं देते हैं जिससे नतीजा ये होता है कि बैठे बिठाए लोगों का बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है। दरअसल, इन कुकिंग ऑयल्स में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट बहुत ज़्यादा होता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल के साथ दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं और मोटापे जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है। ऐसे में चलिए जनते हैं वे ऑयल्स कौन से हैं जो सेहत को खराब कर सकते हैं।

इन ऑयल का न करें इस्तेमाल:
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पाम ऑयल: मिठाई बनाने के लिए सबसे ज़्यादा पाम ऑयल का ही इस्तेमाल किया जाता है। इसमें से एंटीऑक्सीडेंट्स निकाल दिए जाते हैं और मिठाइयों अलावा जंक फ़ूड बनाने के लिए भी इसी ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। पाम ऑयल में सैचुरेटेड फैट बहुत ज़्यादा होता है जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ता है जो दिल की बीमारियों का रिस्क कई गुना बढ़ा देता है
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सूरजमुखी का तेल: रिफाइंड सूरजमुखी के तेल में ओमेगा6 फैटी एसिड की मात्रा ज़्यादा होती है, जिसका ज़्यादा सेवन करने पर शरीर में सूजन हो सकती है। ज़्यादा तापमान पर प्रोसेस किए जाने पर इसके ज़रूरी पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसका नियमित सेवन करने से दिल की बीमारी और मोटापे का खतरा बढ़ सकता है।
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राइस ब्रान ऑयल: राइस ब्रान ऑयल बहुत ज़्यादा रिफाइंड और प्रोसेस्ड है। इसे बनाने के लिए हैक्सिन का इस्तेमाल किया जाता है जो सेहत के लिए बहुत ज़्यादा खतरनाक हो सकता है।
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वेजिटेबल ऑयल: वेजिटेबल ऑयल दो या दो से अधिक अलगअलग पौधों से निकाले गए तेलों का मिश्रण होते हैं। इनमें अक्सर कॉर्न, कनोला ऑयल और पाम ऑयल्स के ब्लेंड्स होते हैं। इसे बनाने के लिए बहुत ज़्यादा रिफाइंड किया जाता है जो सेहत के लिए नुक्सानदयाक हो सकता है।
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कॉर्न ऑयल: कॉर्न ऑयल में पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और ओमेगा6 फैटी एसिड बहुत ज़्यादा होते हैं जो शरीर में सूजन की वजह बनते हैं। इसमें ओमेगा 3 फैट्स की मात्रा न के बराबर होती है जो हार्ट के लिए बिल्कुल भी हेल्दी नहीं है।



