Himachal Se: Ganesh Ji Puja Niyam: हिंदू धर्म में किसी भी देवीदेवता की पूजा करने से पहले अग्रपूजनीय भगवान गणेश की आराधना की जाती है। बप्पा को विघ्नहर्ता और बुद्धिसिद्धि का दाता माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी की नियमित पूजा करने से घर में सुखसमृद्धि आती है और जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। आपको बता दें कि सप्ताह का बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है। इस बार 3 जून 2026, बुधवार को संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जाएगा, इसलिए यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा का विधान है। तो बुधवार और संकष्टी चतुर्थी के संयोग में गणेश जी की पूजा करने से व्यक्ति को कई गुना अधिक पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

गणेश जी को भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें, वरना पूजा का फल हो जाएगा निष्फल, जीवन में बढ़ेंगी परेशानियां​
गणेश जी को भूलकर भी न चढ़ाएं ये 5 चीजें, वरना पूजा का फल हो जाएगा निष्फल, जीवन में बढ़ेंगी परेशानियां​

शास्त्रों के अनुसार, गणेश जी की पूजा के कुछ विशेष नियम भी हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यदि पूजा के दौरान अनजाने में कुछ वर्जित चीजें बप्पा को अर्पित कर दी जाएं तो वे नाराज हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में पूजा का पूरा फल मिलने के बजाय जातक को दोष लगता है और जीवन में परेशानियां बढ़ने लगती हैं। तो आइए जानते हैं कि वो कौन सी 5 चीजें हैं जिन्हें गणेश जी को भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए।

  1. तुलसी का पत्ता: गणेश जी की पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित है। तो गलती से भी बप्पा को तुलसी दल अर्पित न करें। तुलसी की जगह गणपति जी को दुर्वा चढ़ाएं।

  2. सफेद रंग के फूल: गणेश जी को सफेद रंग के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। खासतौर से केतकी के फूल को भगवान शिव और गणेश दोनों की ही पूजा में वर्जित माना गया है। बप्पा को लाल गुड़हल अति प्रिय है।

  3. टूटे हुए या खंडित अक्षत: गणेश जी को कभी भी टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाएं वरना आपको पूजा का फल प्राप्त नहीं होगा। बप्पा को हमेशा साफ और साबुत चावल ही अर्पित करें।

  4. सूखे या बासी फूल: गणेश जी को कभी भी सूखे, मुरझाए हुए या बासी फूल और पत्तियां नहीं अर्पित करें। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक उन्नति रुक जाती है। हमेशा बगीचे से लाए हुए ताजे फूलों का ही इस्तेमाल करें।

  5. सफेद वस्त्र: गणेश जी की पूजा में सफेद वस्त्र भी अर्पित नहीं किया जाता है। भगवान गणेश को पीले या लाल रंग के वस्त्र और सिंदूर से रंगा हुआ जनेऊ चढ़ाना अति उत्तम माना गया है।