Hormonal Health Of Women: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक लाइफ स्टाइल डिजीज है, जो महिलाओं में हार्मोनल बैलेंस, मेटाबॉलिज्म और रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर असर डालती है। PCOD को लाइफ स्टाइल व खानपान में बदलाव करके कंट्रोल किया जा सकता है। योग इस प्रक्रिया में मदद करने के लिए एक आसान और असरदार तरीका है।

PCOS में योग के फायदे
योग तनाव कम करके, ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करके और हार्मोन के लेवल को कंट्रोल करके काम करता है ये तीनों चीजें पीसीओडी के लक्षणों पर असर डालती हैं। नियमित अभ्यास से अनियमित पीरियड्स, वजन में उतारचढ़ाव, मूड में बदलाव और थकान को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। यह बेहतर इंसुलिन सेंसिटिविटी को भी बढ़ावा देता है और शारीरिक व मानसिक सेहत को बेहतर बनाता है।
इंटेंस वर्कआट की अपेक्षा योग ध्यानपूर्वक मूवमेंट, सांस लेने की तकनीक और आराम पर फ़ोकस करता है, जिससे यह लंबे समय तक अभ्यास के लिए सही रहता है। अपनी दिनचर्या में खास योगासन, प्राणायाम और ध्यान को शामिल करके, आप एक संतुलित जीवनशैली अपना सकते हैं, जिससे पीसीओडी में लाभ मिलता है।
बटरफ्लाई पोज
बटरफ्लाई पोज
यह आसन ओवरी और गर्भाशय को एक्टिवेट करने और पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में मदद करता है। इसे करने के लिए जमीन पर बैठकर, पैरों को आपस में जोड़ें और घुटनों को बाहर की तरफ मोड़ें। अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और धीरेधीरे अपने पैरों को तितली के पंखों की तरह ऊपरनीचे करें।
रीक्लाइनिंग पोज
रिक्लाइनिंग बाउंड एंगल पोज
यह एक बहुत आराम देने वाला आसन है, जो तनाव कम करने और शरीर को शांत करने में मदद करता है। इसके लिए पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों को मोड़ें और पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं। घुटनों को स्वाभाविक रूप से बाहर की तरफ गिरने दें, अब अपनी बाहों को शरीर के बगल में आराम से रखें।
चाइल्ड पोज
चाइल्ड् पोज
यह हल्का स्ट्रेच पीठ के निचले हिस्से से स्ट्रेस को रिलीज करता है। चाइल्ड पोज को परफॉर्म करने के लिए जमीन पर घुटनों के बल बैठें और अपनी एड़ियों पर अपने नितंब को रखें। इसके बाद आगे की ओर झुकें और अपने माथे को जमीन से छुएं। अपनी बाहों को स्ट्रेच करते हुए आगे की ओर फैलाएं या शरीर के बगल में रखें।
कोबरा पोज
कोबरा पोज
यह आसन पाचन में मदद करता है और करने में सहायक होता है। अब पेट के बल लेट जाएं और हथेलियों को कंधों के पास रखें। अपने हाथों से जोर लगाते हुए छाती को ऊपर उठाएं। अपनी कोहनियों को थोड़ा मुड़ा हुआ रखें और सामने की ओर देखें।
ब्रिज पोज
ब्रिज पोज
यह पेल्विक मसल्स को मज़बूत करता है और पेट के अंगों को स्टिम्युलेट करता है। के लिए पीठ के बल लेटें, घुटने मोड़ें और पैरों को कूल्हों की चौड़ाई के बराबर फैलाएं। अपने पैरों और हाथों को जमीन पर टिकाएं और कूल्हों को ऊपर उठाएं। जांघों को समानांतर रखें और कुछ सांसों तक इसी स्थिति में रहें, फिर नीचे आ जाएं।



