इस्लाम में ईद-उल-अजहा (बकरीद) मुस्लिमों का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार है. हर साल बकरीद पर बड़ी तादाद में जानवरों की कुर्बानी दी जाती है. मगर जानते हैं भारत में हर साल कितने जानवरों की कुर्बानी होती है. जवाब सचमुच बहुत हैरान करने वाला मिलने वाला है.

कितने बकरों की कुर्बानी

भारत में हर साल ईद-उल-अजहा (Eid al-Adha) पर कितने बकरों, भेड़ और अन्य जानवरों की कुर्बानी दी जाती होगी?

दिमाग आया होगा सवाल

सवाल ऐसा है जो कभी ना कभी दिमाग में जरूर आया होगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मगर इस जवाब आज बहुत रोचक होने वाला है.

सरकार नहीं देती डेटा

हालांकि भारत सरकार ईद-उल-अदहा पर होने वाली कुर्बानी का आधिकारिक डेटा जारी नहीं करती है.

कैसे मिलेगा जवाब

मगर पशुपालन संगठनों के व्यापारिक अनुमानों और इंडिपेंडेंट एनालिस्ट का एक मोटा मोटा अनुमान जरूर है.

1.5 करोड़ तक आंकड़ा

कई रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में ईद-उल-अजहा के दौरान लगभग 1 करोड़ से 1.5 करोड़ तक बकरे और भेड़ों की कुर्बानी दी जाती है.

किन जानवरों की कुर्बानी

संख्या अलग-अलग राज्यों और बाजारों के अनुमान को मिलाकर है. ईद पर भैंस, भेड़ और अन्य गैर प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी होती है.

बकरों की मांग कहां ज्यादा

मगर भारत में सबसे ज्यादा मांग बकरों की रहती है. इनमें भी खासतौर पर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के बाजारों में बकरों की बिक्री सबसे अधिक होती है.

शहरों में ज्यादा मांग

दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, लखनऊ और कोलकाता जैसे शहरों में ईद से पहले बड़ी पशु मंडियां सजती हैं. हजारों व्यापारी राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बकरे लेकर पहुंचते हैं.