Himachal Se: Vinesh Phogat’s Husband Somvir Rathi Statement: एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहने के बाद विनेश फोगाट के पति और कोच सोमवीर राठी ने भारतीय कुश्ती महासंघ पर निशाना साधा है। सोमवीर का दावा है कि चयन ट्रायल्स के दौरान हालात ऐसे थे, जिससे उन्हें लगा कि फेडरेशन विनेश की जीत के पक्ष में नहीं था। उन्होंने चयन प्रक्रिया और उससे जुड़े कुछ फैसलों पर भी सवाल खड़े किए हैं।

मीनाक्षी गोयत ने दी शिकस्त
आइचीनागोया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की विनेश की उम्मीदें शनिवार को खत्म हो गईं। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हुए सेलेक्शन ट्रायल के दौरान विनेश को विमेंस 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में उन्हें मीनाक्षी गोयत के हाथों 46 से हार का सामना करना पड़ा।
इस झटके पर प्रतिक्रिया देते हुए सोमवीर राठी ने कहा कि जिस तरह से घटनाक्रम सामने आया, उससे परिवार को ठगा हुआ महसूस हुआ। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान महासंघ के कदम विनेश के खिलाफ ही रहे।
ठगा हुआ महसूस हो रहा सोमवीर राठी
सोमवीर राठी ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “हमें ठगा हुआ महसूस हुआ। हमने कई फैसलों को चुनौती दी, लेकिन ऐसा लगा कि महासंघ नहीं चाहता था कि विनेश जीतें। कोर्ट की लड़ाई और डब्ल्यूएफआई से जुड़ी पूरी स्थिति मानसिक रूप से थकाने वाली रही है, लेकिन विनेश बहुत मजबूत इरादों वाली हैं। वह ट्रेनिंग पर वापस लौटेंगी, जोरदार वापसी करेंगी और उनका प्रदर्शन ही उनकी तरफ से बात करेगा।”
सोमवीर की यह टिप्पणी विनेश के खुद महासंघ की आलोचना करने के कुछ ही समय बाद आई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। विनेश ने आरोप लगाया था कि डब्ल्यूएफआई के अधिकारियों ने उनकी हार का जश्न मनाया और दावा किया कि संगठन के भीतर कुछ लोग चाहते हैं कि वह ‘जल्द ही मर जाएं’।
मैं हारी तो WFI के अधिकारी खुश विनेश फोगाट
एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई न कर पाने के बाद फोगाट ने आईएएनएस से कहा, “जब मैं हारी तो के अधिकारी खुश हो रहे थे। अभी उन्हें जश्न मनाने दो। मैं बेहद जिद्दी और जुनूनी हूं, और ये झटके मेरे इरादों को और मजबूत करते हैं। मैं वापसी करूंगी, और जब वापसी करूंगी, तो अपने प्रदर्शन से हर उस इंसान का मुंह बंद कर दूंगी जिसे मुझ पर शक है। अभी महासंघ चाहता है कि मैं जल्द ही मर जाऊं; कम से कम वे तो यही सोचते हैं।”
ट्रायल में की भागीदारी को लेकर आखिरी घंटों तक अनिश्चितता बनी हुई थी। डब्ल्यूएफआई ने शुरू में विनेश को 50 किलोग्राम वर्ग तक ही सीमित कर दिया था, जिस फैसले को विनेश ने चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के दखल और महासंघ के भीतर हुई चर्चाओं के बाद, आखिरकार विनेश को उनके पसंदीदा 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दे दी गई।
लंबे ब्रेक के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी करने के बावजूद, विनेश ने शानदार शुरुआत करते हुए ज्योति को 71 से हराया और फिर क्वार्टरफाइनल में निशु को 76 से मात दी। हालांकि, सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 64 से जीत हासिल की और इस साल के आखिर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने की विनेश की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
IANS इनपुट के साथ



