Himachal Se: पहले से ही फाइटर जेट तेजस का निर्माण कर रहे भारत की अब नजर पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर है. निर्माण की प्रक्रिया को सरकार ने तेज किया है. इस काम में निजी कंपनियों का सहयोग लिया जा रहा है. इनमें तीन कंपनियों का नाम चर्चा में है. इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लार्सन एंड टुब्रोभारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और भारत फोर्जबेमल कंसोर्टियम शामिल हैं. भारत वर्तमान में स्वदेशी फाइटर जेट तेजस बनाता है.

Explained: भारत कितने तरह के फाइटर जेट बनाता है? पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाने के लिए तीन कंपनियां रेस में​
Explained: भारत कितने तरह के फाइटर जेट बनाता है? पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाने के लिए तीन कंपनियां रेस में​

अब अगला चरण पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के निर्माण का है. आंध्र प्रदेश में इसके लिए कारखाना तैयार हो रहा है. इसका पूरा नाम है एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट. यह स्टील्थ जेट होगा यानी रडार पर कम दिखेगा. इसमें आधुनिक सेंसर होंगे. उन्नत हथियार होंगे. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले सालों में यह असली रूप में हमारे सामने होगा. यह कदम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है.

आइए, इस नई पहल के बहाने जान लेते हैं कि देश में कितनी तरह के फाइटर जेट बन रहे हैं? इनकी खूबियां क्या हैं? क्या कोई देश भारत से फाइटर जेट खरीद रहा है? भारत के पास कुल कितने फाइटर जेट मौजूद हैं?

क्यों अहम है भारत की हवाई ताकत?

किसी भी देश की सुरक्षा में वायुसेना की बड़ी भूमिका होती है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। युद्ध के समय सबसे तेज हमला फाइटर जेट ही करते हैं. वे दुश्मन के ठिकानों पर वार कर सकते हैं. हवाई सीमा की रक्षा कर सकते हैं. जमीन पर सेना को मदद दे सकते हैं. भारत लंबे समय तक दूसरे देशों से फाइटर जेट खरीदता रहा. लेकिन अब तस्वीर बदल रही है. भारत सिर्फ खरीदार नहीं रहना चाहता. भारत निर्माता भी बनना चाहता है. यही कारण है कि स्वदेशी फाइटर जेट कार्यक्रमों पर जोर बढ़ा है.

तेजस को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है.

पांचवी पीढ़ी के फाइटर जेट निर्माण की ओर भारत ने कदम बढ़ाए

पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के निर्माण की प्रक्रिया सरकार ने तेज की है. रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए जो टेंडर निकाला था, उसमें कई दावेदार आए थे लेकिन उनमें से तीन कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम, एलएंडटी, भारत फ़ोर्जबीईएमएल शामिल हैं. परियोजना की शुरुआती लागत 15 हजार करोड़ बताई जा रही है. इन्हीं में किसी एक का चुनाव अंतिम रूप से होना बाकी है. पर, जो भी कंपनी चुनी जाएगी, उसे सबसे पहले पांच फाइटर जेट के प्रोटोटाइप विकसित करने होंगे. यह काम आंध्र प्रदेश में होगा. इस एडवांस परियोजना में सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड शामिल नहीं है. रक्षा मंत्रालय की देखरेख में डीआरडीओ इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहा है.

भारत कितनी तरह के फाइटर जेट बनाता है?

अगर साफ और सटीक बात करें, तो इस समय भारत का मुख्य स्वदेशी फाइटर जेट तेजस है. यानी भारत अभी बड़े पैमाने पर एक ही फाइटर जेट बनाता है, लेकिन इसके कई एडीशन हैं. इनमें एलसीए तेजस एमके1, एलसीए तेजस एमके1ए हैं. तेजस एमके2 का विकास हो रहा है. इसका मतलब यह है कि आज की तारीख में भारत का ऑपरेशनल स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस ही है. बाकी उन्नत परियोजनाएं आगे के लिए तैयार की जा रही हैं.

मिग29

क्यों महत्वपूर्ण है तेजस?

तेजस भारत का हल्का लड़ाकू विमान है. इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह भारत के आत्मनिर्भर रक्षा अभियान का बड़ा प्रतीक है. यह पुराने मिग विमानों की जगह लेने के लिए तैयार किया गया. तेजस सिर्फ दिखने में आधुनिक नहीं है. यह तकनीक के लिहाज से भी अहम है. इसमें डिजिटल सिस्टम हैं. यह मल्टीरोल जेट है यानी हवा में लड़ाई भी कर सकता है और जमीन पर हमला भी.

तेजस की क्या हैं खूबियां?

तेजस की सबसे बड़ी ताकत उसकी फुर्ती है. यह हल्का है. इसलिए तेजी से दिशा बदल सकता है. दूसरी बड़ी खूबी है आधुनिक एवियोनिक्स. इसमें उन्नत रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगाए गए हैं. इससे पायलट को बेहतर जानकारी मिलती है. तीसरी खासियत है फ्लाईबायवायर सिस्टम. इस तकनीक से विमान को नियंत्रित करना आसान होता है. उड़ान अधिक स्थिर रहती है. चौथी बात है कम परिचालन लागत. तेजस जैसे जेट को उड़ाना और मेंटेन करना कई भारी विदेशी विमानों से बहुत सस्ता पड़ता है. यह एयरटूएयर मिसाइल ले सकता है. एयरटूग्राउंड हथियार ले सकता है. स्मार्ट बम भी ले जा सकता है.

तेजस से कैसे अलग हैं Mk1A और Mk2?

तेजस Mk1A, तेजस का बेहतर संस्करण माना जाता है. इसमें बेहतर रडार है. इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम मजबूत है. इसका मेंटेनेंस आसान बताया जा रहा है. युद्ध के समय उसकी तैयारी तेज होगी. वहीं तेजस Mk2 को मध्यम श्रेणी का ज्यादा ताकतवर जेट माना जा रहा है. यह तेजस के अगले स्तर का विमान होगा. इसमें ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी. रेंज भी बेहतर होगी.

क्या कोई देश भारत से फाइटर जेट खरीदता है?

इसका सीधा जवाब हैनहीं. अभी तक भारत ने तेजस फाइटर जेट की आधिकारिक बड़ी विदेशी डिलीवरी शुरू नहीं की है. लेकिन अच्छी बात यह है कि कई देशों ने इसमें रुचि दिखाई है. मलेशिया का नाम चर्चा में रहा है. अर्जेंटीना ने भी दिलचस्पी दिखाई है. मिस्र के साथ भी बातचीत की खबरें आई हैं. कुछ और देशों ने भी शुरुआती स्तर पर रुचि दिखाई है. इसका मतलब यह है कि भारत का फाइटर जेट निर्यात अभी शुरुआती मोड़ पर है. बाजार खुल रहा है. दिलचस्पी है, लेकिन बड़े स्तर का निर्यात अभी बनना बाकी है.

तीन कंपनियां रेस में

भारतीय रक्षा मंत्रालय ने ₹15,000 करोड़ के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी कर दिया है. वायुसेना को आत्मनिर्भर बनाने वाले इस मेगा प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए टाटा, एलएंडटी और भारत फोर्ज जैसी दिग्गज कंपनियां रेस में हैं. देश के रक्षा pic.twitter.com/Mp8FdSQewu

— TV9 Bharatvarsh May 28, 2026

भारत के पास अभी कितने फाइटर जेट हैं?

मौजूदा समय में भारत के पास कुल फाइटर जेट की संख्या को लेकर अलगअलग स्रोत अलग आंकड़े देते हैं. लेकिन 2025 के प्रमुख आकलनों में यह संख्या करीब पाँच सौ से अधिक बताई गई है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि इस कुल संख्या में अलगअलग प्रकार के जेट शामिल हो सकते हैं. सुखोई, राफेल, मिग29, मिराज2000, जगुआर और स्वदेशी तेजस. नंबर को लेकर सटीक आँकड़े इसलिए सामने नहीं आते क्योंकि भारतीय वायु सेना पुराने जेट रिटायर भी करती रहती है. बेड़े में नए शामिल होते रहते हैं.

भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

भारत ने विमान बनाना शुरू कर दिया है. यह बड़ी उपलब्धि है लेकिन अभी भी कई चुनौतियां हैं. सबसे बड़ी चुनौती है इंजन तकनीक. फाइटर जेट का इंजन बनाना बहुत कठिन काम है. उच्च तापमान, उच्च दबाव और बहुत सटीक इंजीनियरिंग चाहिए. इसी वजह से भारत अब भी कई मामलों में विदेशी इंजन पर निर्भर है. दूसरी चुनौती है समय पर उत्पादन. तीसरी चुनौती है पुराने बेड़े को बदलना. चौथी चुनौती है निर्यात बाजार में भरोसा बनाना.

निष्कर्ष यही है कि भारत आज फाइटर जेट निर्माण के नए दौर में है. सच्चाई यह है कि अभी भारत का मुख्य स्वदेशी ऑपरेशनल फाइटर जेट तेजस है. यही उसकी सबसे बड़ी ताकत और पहचान है. तेजस ने भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा दी है. बाकी एडीशन इसकी ताकत को आगे बढ़ाएंगे. प्रस्तावित एएमसीए भारत को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है.