Himachal Se: Ghaziabad Zaid Khan Case: यूपी के गाजियाबाद के रहने वाले जैद खान ने ऐसा काम किया है जिसने यूपी से हैदराबाद तक हड़कंप मचा दिया है। जांच में सामने आया है कि जैद खान ने यूपी के कई मंत्रियों के मोबाइल नंबर, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को सौंप दिए। खबर ये भी है कि उससे ISI हैंडलर ने सीएम योगी आदित्यनाथ के दफ्तर की जानकारी भी मांगी थी। इस बीच, अब यूपी पुलिस हैदराबाद में गिरफ्तार जैद खान की जानकारी जुटा रही है। गाजियाबाद पुलिस ने हैदराबाद पुलिस से भी पूरे मामले की जानकारी मांगी है। गाजियाबाद पुलिस को हैदराबाद के मेडचेल थाने में दर्ज एफआईआर भी भेजी गई है। जानें ये पूरा मामला क्या है।

बड़ा खुलासा: जैद ने ISI को दे दिए UP के मंत्रियों के नंबर, उससे CM योगी के दफ्तर की भी मांगी गई थी जानकारी​
बड़ा खुलासा: जैद ने ISI को दे दिए UP के मंत्रियों के नंबर, उससे CM योगी के दफ्तर की भी मांगी गई थी जानकारी​

हैदराबाद में वेटर का काम कर रहा था जैद

बता दें कि गाजियाबाद पुलिस, यूपी में जैद के संपर्कों को खंगालेगी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हैदराबाद पुलिस की स्पेशल सेल ने गाजियाबाद के जैद खान को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। वह हैदराबाद के एक होटल में वेटर के रूप में काम कर रहा था। जैद खान, सोशल मीडिया के जरिए आईएसआई के हैंडलर और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के संपर्क में आया था।

यूपी के मंत्रियों की जानकारी ISI को दी

जांच में सामने आया है कि यूपी के कई मंत्रियों के नंबर जैद ने आईएसआई हैंडलर और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स को दिए थे। जैद ने इंटरनेट पर मौजूद जानकारी आईएसआई हैंडलर और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स को दी। आईएसआई हैंडलर ने सीएम योगी के दफ्तर की जानकारी भी जैद से मांगी थी।

सोशल मीडिया पर डालता था कट्टरपंथी पोस्ट

गौरतलब है कि जैद, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट के संपर्क में था। जैद, सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी और भड़काऊ पोस्ट शेयर कर रहा था। वह खिलौना असलहों के साथ सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो अपलोड करता था। आईएसआई हैंडलर ने जैद को असलहा देने का वादा किया था।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब यह मालूम करने की कोशिश में लगी हुई है कि जैद ने किनकिन लोगों के साथ संवेदनशील जानकारियां शेयर की हैं और क्या उसके नेटवर्क में उत्तर प्रदेश या दूसरे राज्यों के दूसरे लोग भी शामिल हैं। आशंका है कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेलने और उन्हें ISI हैंडलर्स से जोड़ने की साजिश को अंजाम देने का प्रयास चल रहा है।