Himachal Se: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बिजली लाइन का फॉल्ट सही करते समय बिजली कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से परिजन आक्रोशित हो गए. परिजनों ने मौत के बाद जेई सहित SDO पर महिला के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया. मुकदमा दर्ज करने के साथ पत्नी को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग पर परिजन अड़े रहे. मौके पर पहुंचे उच्च अधिकारियों और नागरिकों के बीच घंटों चली वार्ता के बाद JE को नामजद करते हुए तहरीर देने पर मामला शांत हुआ.

दरअसल, पूरा मामला थाना सदर बाजार क्षेत्र स्थित जेल कॉलोनी में बीती रात आंधीतूफान के कारण पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाइन को सही करने पहुंचे विद्युत कर्मी अनुराग की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ा है. आरोप है कि बिजली की लाइन सही करने के दौरान अचानक हरदोई जिले के थाना शाहाबाद क्षेत्र स्थित मोहल्ला बुध बाजार निवासी अनुराग शुक्ला नामक विद्युत कर्मी की मौत हो गई.
अनुराग शुक्ला की बेटी का आज जन्मदिन भी था. बेटी की ननिहाल में उसके जन्मदिन की तैयारी चल रही थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जन्मदिन पर घर जल्दी पहुंचने के लिए अनुराग ड्यूटी समाप्त होने के बाद निकलने वाला ही था. इसके बावजूद विभाग द्वारा अनुराग को लाइन का फॉल्ट सही करने भेजा गया. शटडाउन लेकर अनुराग बिजली की लाइन सही कर रहा था कि अचानक उसकी मौत हो गई.
परिजनों के क्या हैं आरोप?
अनुराग की मौत की खबर मिलते ही परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे. वहां मौजूद JE सहित SDO पी.सी. सागर के साथ उनकी बहस होने लगी. आक्रोशित परिजनों का आरोप है कि मौके पर मौजूद JE और SDO से पूछा गया कि ड्यूटी समाप्त हो जाने के बाद अनुराग को लाइन सही करने किसके आदेश पर भेजा गया था.
इस बात पर JE और SDO ने पहले बहसबाजी शुरू कर दी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मामला जब गरमागरमी तक पहुंचा तो मृतक की साली के साथ उपरोक्त अधिकारियों ने मारपीट और अभद्रता की, जिससे माहौल और गर्म हो गया. इसी बीच खबर मिली कि SDO के साथ JE को बंधक बना लिया गया है. सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया. हालांकि, बंधक बनाए जाने की सूचना कोरी अफवाह निकली, क्योंकि मारपीट और गहमागहमी के बीच परिजन दोनों को मेडिकल कॉलेज में स्थापित चौकी ले जा रहे थे.
परिजनों की मांग
मृतक अनुराग के परिजनों की मांग है कि ड्यूटी समाप्त होने के बाद JE के आदेश पर लाइन का फॉल्ट सही करने जबरन भेजने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो. साथ ही पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, क्योंकि अब मृतक की पत्नी और बच्ची के अलावा परिवार में उनका पालनपोषण करने वाला कोई नहीं बचा है.
घंटों चली वार्ता
मौके पर मौजूद कई थानों की पुलिस, विद्युत विभाग के अधिकारी और सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री Rajesh Awasthi सहित संभ्रांत नागरिकों के बीच कई घंटे तक चली वार्ता के बाद परिजनों की मांगों पर सहमति बनी. इसके बाद JE के विरुद्ध नामजद तहरीर दिए जाने पर मामला शांत हुआ.
फिलहाल, विद्युत विभाग में लगातार संविदा कर्मियों की हो रही दर्दनाक मौतों के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? सवाल यह भी है कि जब विद्युत कर्मी लाइन सही कर रहे होते हैं और शटडाउन भी लेते हैं, तो आखिर उस समय लाइन में करंट कहां से आ जाता है, जिसके चलते असमय विद्युत संविदा कर्मी काल के गाल में समा रहे हैं. क्या विभाग की इन बेगुनाहों की मौत पर कोई जिम्मेदारी नहीं है?



