Himachal Se: Purushottami Ekadashi 2026: बुधवार को पुरुषोत्तमी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। यह एकादशी 3 साल में एक बार आती है। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। पुरुषोत्तम मास के दौरान पड़ने वाली एकादशी पुरुषोत्तमी एकादशी कहलाती है। पुरुषोत्तम मास में की जाने वाली इस एकादशी के प्रभाव से जातक की समस्त समस्याएं स्वतः ही समाप्त हो जाती है और अपार सुखसमृद्धि और धनधान्य की प्राप्ति करता है। साथ ही व्यक्ति को हर प्रकार की सिद्धि मिलती है और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन इन विशेष उपायों को करने से व्यक्ति की समस्त परेशानियों का समाधान निकल जाता है। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं कि पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन कौनसे उपाय करने चाहिए।

अगर आप अपने बिजनेस में बढ़ोतरी करना चाहते हैं या आप समाज के ऊंचे रसूख वाले लोगों में अपनी जगह बनाना चाहते हैं तो पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें और पूजा के समय एक रुपये का एक सिक्का भगवान के पास रखें। अब पूजा के दौरान भगवान को हल्दी का तिलक लगाएं और उसके बाद वहां रखें उस नोट या सिक्के पर भी तिलक लगाएं। अब पूरी पूजा विधि के दौरान और उसके बाद भी पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन पूरा दिन उस सिक्के को वहीं रखा रहने दें। अगले दिन जब आप स्नान आदि से निवृत्त हो जाये तो भगवान के पास रखे उस सिक्के को वहां से उठाकर अपने पास संभालकर रख लें। आप चाहें तो उसे अपने ऑफिस की तिजोरी में भी रख सकते हैं।
अगर आपको अनजाने में हुयी किसी गलती का हमेशा अफ़सोस रहता है, उसी को सोचते रहते है तो उससे छुटकारा पाने के लिए पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन स्नान आदि के वक्त अपने नहाने के पानी में चार बूंद आंवले का रस मिलाएं। अब उस आंवले के रस मिले हुए पानी से स्वयं स्नान करें और स्नान के वक्त भगवान विष्णु का ध्यान करें।
अगर आपके कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी आ रही है और उसके चलते आपके बाकी काम भी रुके हुए हैं तो पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन एक सूखा नारियल लीजिये। अब उस नारियल को बीच में से आधा काट दीजिये और आपकी जो भी परेशानी है, भगवान से उसका हल पाने की प्रार्थना करते हुए उस नारियल के अंदर एक रुपये का सिक्का डाल दीजिये। अब दोनों आधे काटे हुए भागों को फिर से एक दूसरे के ऊपर रखकर मौली की सहायता से बांध दीजिये और मंदिर में जाकर भगवान विष्णु को यह सूखा नारियल अर्पित कर दें।
अगर आप अपने जीवन में खुशहाली लाना चाहते हैं तो उसके लिये पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन स्नान आदि के बाद एक बर्तन में थोड़ा दूध लें। उस दूध में एकदो रेशे केसर के भी डाल दें। अब उस दूध से भगवान विष्णु को भोग लगाएं। इस प्रकार भगवान को भोग लगाने के बाद उस केसर मिश्रित दूध को 10 मिनट के लिये वहीं रखा रहने दें। 10 मिनट बाद उस दूध को वहां से उठा लें और परिवार के
सब सदस्यों को थोड़ाथोड़ा दूध प्रसाद के रूप में पीने के लिये दें।
अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं तो पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन थोड़ेसे पीली सरसों के दाने लें और उन्हें भगवान विष्णु के सामने रखें। अब भगवान के नारायण मंत्र का जाप करें। मंत्र इस प्रकार है
‘ऊँ नमो भगवते नारायणाय।’ इस प्रकार 5 बार मंत्र जप के बाद उन सरसों के दानों को वहां से उठा लें और अपने सिर के ऊपर से सात बार उतारिये। उतारने के बाद घर के दक्षिण कोने में उन सरसों के दानों को कपूर की सहायता से जला दें।
अगर आप अपने परिवार में सुखशांति बनाये रखना चाहते हैं तो पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन सवा किलो चने की दाल लीजिये और उस दाल को परिवार के सब सदस्यों के हाथों से एक बार स्पर्श कराइए। अब भगवान का ध्यान करते हुए उस दाल को किसी जरूरतमंद को गिफ्ट कर दें।
अगर आप अपने जीवनसाथी के साथ अपने दांपत्य रिश्ते को बेहतर करना चाहते हैं तो उसके लिये पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन दो बांसुरी के जोड़े लाइये। अब स्नान आदि के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु के मंदिर में जायें और अपने साथ दोनों बासुंरी के जोड़े भी लेकर जायें। वहां जाकर दोनों बांसुरी के जोड़ों को भगवान के दाहिनी तरफ रख दें और भगवान के आगे दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम
करें। साथ ही अपने दांपत्य रिश्ते को बेहतर करने की प्रार्थना भी करें। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद भगवान के पास रखे दो बांसुरी के जोड़ों में से एक बांसुरी का जोड़ा उठा लें और अपने साथ घर वापिस ले आयें, जबकि दूसरे बासुंरी के जोड़े को वहीं मंदिर में ही रखा रहने दें। इस प्रकार जिस बांसुरी के जोड़े को आप घर लाएं, उसे अपने कमरे की पूर्व दिशा की दीवार पर क्रॉस करके, यानि दोनों बांसुरी को एकदूसरे के ऊपर टेढ़ा करके लगा दें।
अगर आप अपने जीवन में भरपूर समृद्धि पाना चाहते हैं तो उसके लिये पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन किसी ब्राह्मण को घर पर भोजन के लिये आमंत्रित करें और उन्हें भोजन कराएं। भोजन खिलाने के बाद ब्राह्मण के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और दक्षिणा स्वरूप उन्हें कुछ न कुछ भेंट जरूर दें। अगर ब्राह्मण आपके घर भोजन के लिये न आ पायें तो उनके निमित्त एक थाली में भोजन निकालकर, उसमें कुछ दक्षिणा रखकर उनके घर दे आयें और वहीं पर उनका आशीर्वाद भी ले लें।
अगर आप चाहते हैं किआपको या आपके परिवार को कभी भी अन्न की कमी का सामना न करना पड़े तो इसके लिये पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन सात पीले रंग की कौड़ियां और सात हल्दी की गांठें लीजिये। अब इन्हें मंदिर में रख दीजिये और इनकी विधि पूर्वक धूपदीप आदि से पूजा करिये। अब 10 मिनट बाद उन कौड़ियों और हल्दी की गांठों को वहां से उठा लें और घर के अनाज में दबा दें।
अगर आप अपने बच्चों की तरक्की सुनिश्चित करना चाहते हैं तो पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन स्नान आदि के बाद अपने बच्चों के हाथों से भगवान को किसी पीले रंग की मिठाई का भोग लगवाएं। अगर उस मिठाई पर एकदो केसर के रेशे भी डले हो तो और भी अच्छा है। भोग लगाते समय अपने बच्चों की तरक्की के लिये प्रार्थना करना न भूलें।
अगर आप अपने कामों की सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं तो पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन के दिन गीता का पाठ अवश्य करें। चाहें आप पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन के दिन एक ही अध्याय का पाठ करें, लेकिन करें जरूर, लेकिन अगर आप पाठ नहीं कर सकते तो पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन गीता की एक प्रति घर में लाकर जरूर रखें और उसे प्रणाम करें।
अगर आपकी विश लिस्ट में कोई विश अधूरी पड़ी है तो उसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिये पुरुषोत्तमी एकादशी के दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा अर्चना करें, उनके सामने धूपदीप जलाएं, केले के नैवेद्य का भोग लगाएं। साथ ही भगवान को पीले पुष्प अर्पित करें और अपनी विश पूरी करने के लिये भगवान से प्रार्थना करें।



