Himachal Se: गर्मियों के मौसम में आम के बाद अगर किसी और फल का सबसे अधिक सेवन किया जाता है, तो वह है लीची। इस मौसम में लीची मार्केट में खूब मिलती है। लीची अपने रसीलेपन और मीठे स्वाद के लिए जानी जाती है। बाहर से लाल दिखने वाली लीची अंदर से बेहद मीठी और रसीली होती है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक लगभग हर किसी को पसंद आती है। इस मौसम में लोग लीची का शेक और स्मूदी भी बनाकर पीना पसंद करते हैं।

कई बार ऊपर से दिखने में लीची बिल्कुल लाल और फ्रेश नजर आती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लेकिन अंदर से सड़ी, कम मीठी या फिर कच्ची निकल जाती है। ऐसे में खाने का मजा किरकिरा हो जाता है। हालांकि, कुछ तरीके हैं जिनकी मदद से आप मीठी और पकी हुई रसीली लीची की पहचान कर सकते हैं।
पहला तरीका
लीची के छिलकों के रंग से भी इसके मीठेपन और पकने का पता लगा सकते हैं। अगर लीची के छिलके का रंग गुलाबी या फिर लाल नजर आ रहा है, तो आप खरीद सकते हैं। ऐसी लीची अक्सर पकी हुई और मीठी होती हैं। अगर लीची का रंग हरा या फिर पीला नजर आ रहा है तो यह उसके कच्चे होने का संकेत माना जाता है।
दूसरा तरीका
लीची को खरीदते समय हल्के हाथों से दबाकर देखें। पकी लीची के छिलके को दबाने पर वह अंदर की ओर धंस जाता है। वहीं, कच्ची लीची को दबाने पर वह छिलका थोड़ा सख्त नजर आता है।
तीसरा तरीका
पकी और मीठी लीची की पहचान उसके आकार से भी कर सकते हैं। मीठी और पकी हुई लीची के लिए हमेशा नॉर्मल साइज से बड़े टुकड़े चुनें। इस आकार की लीचियां पूरी तरह पकी होती हैं और उनका स्वाद भी अच्छा होता है।
खुशबू से करें पहचान
पकी हुई लीची में हल्की भीनीभीनी मिठास की खुशबू आती है। अगर लीची से खटास या किसी तरह की बदबू आ रही है, तो उसे खरीदने से बचना चाहिए। इस तरह की लीची सड़ी हुई या कच्ची हो सकती है।
वहीं, अगर लीची अगर ज्यादा पक गई है तो वह अंदर से सड़ी हुई निकल सकती है। अगर छिलका दबाने पर लीची ज्यादा अंदर धंस जाए, तो यह उसके खराब होने का संकेत हो सकता है।



