Himachal Se: भारत जैसे धूप से भरपूर देश में रहने के बावजूद आज एक बहुत बड़ी आबादी विटामिन D की कमी से जूझ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, हमारा बदलता लाइफस्टाइल और ज्यादातर समय घर या ऑफिस के अंदर बिताना इसकी मुख्य वजह है। हालांकि, जब बात धूप से प्राकृतिक रूप से विटामिन D हासिल करने की आती है, तो अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि सुबह की हल्की धूप बेहतर है या दोपहर की तेज धूप? Medical Experts और विभिन्न शोधों के मुताबिक, भारतीयों की स्किन की बनावट के आधार पर सनबाथ का एक खास और सही समय होता है, जिससे स्किन को नुकसान पहुंचाए बिना भरपूर विटामिन D मिल सके।

KIMS हॉस्पिटल, ठाणे के इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. अनिकेत मुले के अनुसार भारत जैसे देश में जहां दोपहर के समय तापमान और UV किरणें काफी तेज हो जाती हैं, वहां सुबह 7 बजे से 10 बजे के बीच की धूप लेना सबसे बेहतर माना जाता है। एक्सपर्ट ने बताया सुबह के समय धूप लेना दिन की धूप से बेहतर माना जाता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि सुबह की धूप लेना दिन की धूप से क्यों बेहतर माना जाता है।
सुबह की धूप क्यों मानी जाती है बेहतर?
डॉ. मुले बताते हैं कि सुबह की धूप शरीर को पर्याप्त मात्रा में सूर्य की रोशनी देती है, जिससे विटामिन D बनने में मदद मिलती है। साथ ही इस समय धूप लेने से हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन, टैनिंग और स्किन डैमेज का खतरा भी कम रहता है। एक्सपर्ट के मुताबिक हल्की सुबह की धूप शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित होती है और लंबे समय तक नुकसान पहुंचने की संभावना कम रहती है।
दोपहर के समय धूप से विटामिन डी लेने से क्या है खतरा?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 3:30 बजे तक UV किरणें सबसे ज्यादा तेज होती हैं। यही किरणें विटामिन D बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। हालांकि, डॉ. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मुले का कहना है कि ज्यादा असरदार होने का मतलब हमेशा सुरक्षित होना नहीं होता। गर्मी में जब पारा दिनों दिन बढ़ रहा है ऐसे में लंबे समय तक तेज धूप में रहने से कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे
- सनबर्न
- समय से पहले त्वचा बूढ़ी दिखना
- हीट एक्सॉशन
- स्किन पिगमेंटेशन और डिहाइड्रेशन होने का खतरा ज्यादा रहता है। खासकर हम भारतीय लोग गर्मियों में तेज धूप में ज्यादा देर रहेंगे तो सेहत को कई तरह के नुकसान पहुंच सकते हैं।
ज्यादा धूप नहीं, नियमित धूप है जरूरी
डॉ. मुले के मुताबिक, शरीर के लिए बहुत तेज धूप लेने की बजाय नियमित और सीमित धूप ज्यादा फायदेमंद होती है। उन्होंने बताया कि कई लोगों को तेज गर्मी में थोड़ी देर धूप में रहने पर भी सिरदर्द, कमजोरी या हीट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए संतुलित तरीके से धूप लेना जरूरी है।
कितनी देर धूप लेना काफी है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार एक हेल्दी इंसान को हफ्ते में कई बार लगभग 15 से 30 मिनट तक चेहरे, हाथों या पैरों पर धूप लगना पर्याप्त माना जाता है। हालांकि, यह कई चीजों पर निर्भर करता है जैसे स्किन के रंग, उम्र, कपड़े और मौसम पर। डॉ. मुले कहते हैं कि जिन लोगों की स्किन का रंग गहरा होता है, उन्हें थोड़ी ज्यादा देर धूप की जरूरत पड़ सकती है क्योंकि मेलेनिन विटामिन D बनने की प्रक्रिया को थोड़ा कम कर देता है।
क्या सिर्फ धूप से पूरी हो जाएगी विटामिन D की कमी?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर शरीर में विटामिन D की गंभीर कमी हो, तो सिर्फ धूप लेना काफी नहीं होता। ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह के बाद डाइट में बदलाव या सप्लीमेंट्स की जरूरत पड़ सकती है।
भारत में धूप लेने का सबसे हेल्दी तरीका क्या है?
एक्सपर्ट के मुताबिक भारत में धूप लेने का सबसे अच्छा तरीका सुबह के ठंडे वक्त हल्की धूप लेना है। हमेशा थोड़ी देर नियमित रूप से बाहर धूप में समय बिताने से बॉडी हेल्दी रहती है। सुबह के समय आप धूप में मॉर्निंग वॉक कर सकते हैं, हल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं। कुछ देर नेचुरल धूप में बैठ सकते हैं। एक्सपर्ट ने बताया गर्मी में लंबे समय तक तेज धूप में रहने से बचना चाहिए, पर्याप्त पानी पीना चाहिए और जरूरत पड़ने पर सन प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना चाहिए।
डिस्क्लेमर:यह लेख सार्वजनिक जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है। किसी भी हेल्थ रूटीन या इलाज को शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


