Himachal Se: देश में आज से नौतपा शुरू हो रहा है. माना जाता है कि इस दौरान उत्तर भारत के ज्यादातर इलाकों में भीषण गर्मी पड़ेगी. राजस्थान के श्रीगंगानगर का पारा 48 तक पहुंच चुका है तो मौसम विभाग ने देश के 18 राज्यों में आंधीतूफान की चेतावनी दी है. विभाग ने इस दौरान सतर्क रहने की चेतावनी दी है. डॉक्टर्स भी नौतपा में खुद को हाइड्रेट रखने का सुझाव देते आ रहे हैं. नौतपा का पिछले 5 सालों का रिकॉर्ड देखें तो पता चलता है कि तापमान कभी 49.2 तो कभी 50 डिग्री सेल्सियस पहुंचा. 5 साल में कभी ऐसा नहीं हुआ कि तापमान 47 डिग्री से कम रहा हो. अगर हवा सूखी और गर्म है तो तापमान तेजी से बढ़ता है. इसलिए यह कहा जा रहा है कि इस साल भी तापमान का रिकॉर्ड बन सकता है.

Nautapa 2026: नौतपा इस साल कितना तपेगा, क्या कहता है पिछले 5 सालाें का रिकॉर्ड? यहां समझें​
Nautapa 2026: नौतपा इस साल कितना तपेगा, क्या कहता है पिछले 5 सालाें का रिकॉर्ड? यहां समझें​

आइए, मौसम के इसी फेरबदल के बहाने जानते हैं कि नौतपा इस साल कितना तपाएगा? क्या कहते हैं एक्सपर्ट और पिछले पांच सालों में कैसा रहा है तापमान का रिकॉर्ड?

नौतपा क्या है, कब से कब तक चलेगा?

नौतपा एक लोकमान्यता है. इसे सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में रहने वाले नौ दिनों से जोड़ा जाता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इन दिनों में उत्तर और मध्य भारत में गर्मी बढ़ने की संभावना रहती है. लेकिन यह गारंटी नहीं है कि हर जगह हर दिन रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ही पड़ेगी. कई बार मौसम अलगअलग इलाकों में मिजाज बदलते हुए देखा जाता है. इस साल नौतपा 25 मई से शुरू होकर दो जून 2026 तक चलेगा यानी कुल नौ दिन. यह तारीखें ज्योतिषीय गणना और पंचांग आधारित बताई जाती हैं.

नौतपा 25 मई से शुरू होकर दो जून 2026 तक चलेगा.

नौतपा में पिछले 5 साल के तापमान का रिकॉर्ड

  • वर्ष 2021: मई 2021 में उत्तर प्रदेश का बांदा में नौतपा अवधि के दौरान देश का सर्वोच्च तापमान दर्ज किया. पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश में भीषण लू की स्थिति बनी रही. इस अवधि में 2021 में हीटवेव की स्थिति अपेक्षाकृत कम तीव्र थी, लेकिन बुंदेलखंड क्षेत्र में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया.
  • साल 2022: बांदा ने मई 2022 में 49.2 डिग्री सेल्सियस का ऑलटाइम रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया, जो साल 1994 के 48.8 डिग्री सेल्सियस के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ता है. दिल्ली के मुंगेशपुर में भी 49.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. नौतपा अवधि के दौरान उत्तर भारत में भीषण लू जारी रही, दिल्ली में लगातार 40 दिन तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा.
  • साल 2023: राजस्थान के बाड़मेर में नौतपा के दौरान तापमान 48.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जो उस सीज़न का देश का सर्वोच्च तापमान था. हालांकि, मौसम विज्ञान विभाग ने की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 में समग्र रूप से उत्तरपश्चिम भारत में तापमान सामान्य से कम रहा. हीटवेव की स्थिति केवल 23 दिन कुछ स्थानों पर देखी गई, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ और तूफानों ने राहत दी.
  • साल 2024: इस साल नौतपा अत्यंत भीषण रहा. 25 मई राजस्थान के फलोदी का तापमान 50 डिग्री दर्ज किया गया. 28 मई को चूरू का तापमान 50.5 डिग्री तक पहुंचा. इस साल नौतपा अवधि में राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा में भीषण से अतिभीषण लू की स्थिति बनी रही. 37 से अधिक शहरों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर रहा.
  • साल 2025: उत्तर प्रदेश का बांदा में सर्वोच्च तापमान 48.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो नौतपा शुरू होने से पहले ही देश का सबसे गर्म स्थान बना. राजस्थान का श्रीगंगानगर ने 47.6 और पिलानी ने 47.2 डिग्री तापमान दर्ज किया. नौतपा अवधि में उत्तर और मध्य भारत में भीषण से अतिभीषण लू की चेतावनी जारी की थी.

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

मौसम वैज्ञानिक नौतपा शब्द का इस्तेमाल न के बराबर करते हैं. पूर्व अपर महानिदेशक डॉ आनंद शर्मा कहते हैं कि गर्मी के मौसम में विभाग आमतौर पर लू / हीट वेव और सीवियर हीट वेव के आधार पर अलर्ट जारी करता है. विभाग की वेबसाइट पर हीट वेव गाइडेंस सेक्शन में रोजाना और आगे के दिनों के लिए बुलेटिन दिए जाते हैं. विभाग प्रेसनोट में भी कई बार साफ लिखता है कि किन क्षेत्रों में मौसम का कैसा मिजाज रहने वाला है, लेकिन नौतपा लिखने से बचता है.

अगर हवा सूखी और गर्म है तो तापमान तेजी से बढ़ता है.

इस साल कितना तपाएगा?

प्रायः गर्मी का असर आपके जिले, शहर पर निर्भर करता है. फिर भी कुछ स्पष्ट संकेत समझे जा सकते हैं. अगर हवा सूखी और गर्म है तो तापमान तेजी से बढ़ता है. अगर बादल, आंधी या हल्की बारिश हो जाए, तो अधिकतम तापमान कुछ समय के लिए नीचे आ सकता है. गर्म रातें ज्यादा परेशानी बढ़ाती हैं. लू का असर शरीर पर सीधे पड़ता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों पर. इसीलिए डॉक्टर इस दौरान प्रायः घर से न निकलने की सलाह देते हैं. निकलना भी पड़े तो सावधानी बरतने की सलाह. क्योंकि मौसम का कोई भरोसा नहीं.

हीट वेव कब मानी जाती है?

मौसम विज्ञान विभाग के हीट वेव के अपने मानक हैं. यह वेबसाइट पर दर्ज भी हैं. मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे, तब हीट वेव पर विचार होता है. अगर वास्तविक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर हो जाए, तो भी हीट वेव घोषित की जा सकती है.

नौतपा में हर जगह एक जैसी गर्मी क्यों नहीं होती?

भारत बहुत बड़ा देश है और मौसम को कई चीजें चलाती हैं. पश्चिमी विक्षोभ का असर, आंधी एवं धूल भरी हवाएं, मौसम में नमी, समुद्र से आने वाली हवाएं, स्थानीय बादल और गरजचमक, ये सब गर्मी पर अपनेअपने तरीके से असर डालते हैं. इसी कारण एक ही दिन में कहीं 44 डिग्री सेल्सियस तो कहीं 46 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी हो सकती है. इसी दौरान कहीं उसी समय बादल, आंधी से राहत भी मिल सकती है.


नौतपा में क्या करें?

      • पानी बारबार पिएं. प्यास का इंतजार न करें.
      • छाछ, ओआरएस, नींबू पानी लें.
      • दोपहर में धूप से बचें.
      • हल्के रंग के, ढीले, सूती कपड़े पहनें.
      • सिर ढकें. छाता या टोपी रखें.

क्या न करें?

      • खाली पेट धूप में न निकलें.
      • शराब और बहुत ज्यादा कैफीन से बचें.
      • बच्चों एवं बुजुर्गों को बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें.