Himachal Se: Pyrite Anklet Trend: सोशल मीडिया और फैशन ट्रेंड्स के बीच इन दिनों पायराइट की एंकलेट यानी पायल काफी लोकप्रिय हो रही है। गोल्डन शाइन वाला यह स्टोन न सिर्फ स्टाइल स्टेटमेंट माना जा रहा है, बल्कि इसे धन, आत्मविश्वास और पॉजिटिव एनर्जी से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, ज्योतिष और ऊर्जा विज्ञान से जुड़े कई विशेषज्ञ इसे पैरों में पहनने को सही नहीं मानते। इस क्रिस्टल को लेकर अलगअलग मान्यताए हैं। यह फैशन जो अब धीरेधीरे ट्रेंड बनता जा रहा है, तो चलिए जानते हैं सभी महिलाओं के लिए शुभ है या नहीं और किन राशि के लोगों यह फायदेमंद माना जाता है।

क्या है पायराइट स्टोन?
पायराइट एक प्राकृतिक स्टोन है, जिसकी चमक सोने जैसी होती है। इसी वजह से इसे ‘फूल्स गोल्ड’ भी कहा जाता है। माना जाता है कि यह व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने, आर्थिक स्थिरता लाने और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव करने में मदद करता है। यह रूट और सोलर प्लेक्सस चक्र को मजबूत करने वाला स्टोन भी माना जाता है।
क्यों बढ़ रहा है इसका ट्रेंड
आजकल कई लड़कियां पायराइट की एंकलेट और ज्वेलरी को फैशन के तौर पर पहन रही हैं। सोशल मीडिया पर इसे लक और मनी अट्रैक्शन स्टोन के रूप में प्रमोट किया जा रहा है। खासकर छात्राओं, वर्किंग वुमन और बिजनेस से जुड़ी महिलाओं के बीच इसका क्रेज तेजी से बढ़ा है।
किन लोगों के लिए है शुभ
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, पायराइट मेष, सिंह और वृश्चिक राशि वालों के लिए लाभकारी है। साथ ही जिन लोगों की कुंडली में सूर्य और मंगल कमजोर होते हैं, उन्हें भी यह स्टोन पहनने की सलाह दी जाती है। यह करियर ग्रोथ, फोकस और नए अवसरों को आकर्षित करने में मदद कर सकता है।
किन लोगों के लिए शुभ नहीं पायराइट
ऐसे जातक जिनकी कुंडली में सूर्य, मंगल या गुरु पहले से ही अत्यधिक प्रभावी या उग्र स्थिति में हों, उन्हें पायराइट पायल पहनने से बचना चाहिए। इसके अलावा गुस्सैल स्वभाव, मानसिक तनाव, हाई ब्लड प्रेशर या बेचैनी की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी इसे पैरों में पहनना उचित नहीं माना जाता। खासतौर पर वृषभ, कर्क और मकर राशि के लोगों को बिना सलाह के इसे नहीं पहनना चाहिए।
पायल के रूप में पहनने से क्यों करते हैं मना
कई ज्योतिषियों का मानना है कि पायराइट को पैरों में पहनना शुभ नहीं होता। उनका कहना है कि इसकी तेज ऊर्जा गलत तरीके से धारण करने पर फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकती है। इस स्टोन में आयरन और सल्फर तत्व मौजूद होते हैं, जिसकी वजह से इसकी ऊर्जा काफी गर्म मानी जाती है। इसे सूर्य और गुरु ग्रह की तेज ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में पैरों में एंकलेट या पायल के रूप में पहनना गुरु बृहस्पति और सूर्य जैसी देव ऊर्जाओं का अनादर माना जाता है। इसलिए इसे पायल या एंकलेट के रूप में पैरों में धारण करने से आर्थिक अस्थिरता, मानसिक दबाव और नेगेटिव एनर्जी बढ़ सकती है।
कैसे करें सही तरीके से इस्तेमाल
विशेषज्ञों के अनुसार पायराइट को कंगन, अंगूठी या पेंडेंट के रूप में पहनना ज्यादा बेहतर माना जाता है। पहनने से पहले इसे कुछ मिनट धूप में रखना चाहिए। समयसमय पर हल्की धूप, धूपबत्ती या सूखे नमक से इसकी सफाई भी जरूरी मानी जाती है, ताकि इसकी सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।



