Himachal Se: आज यानी 21 मई को पूरी दुनिया ‘अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस’ मना रही है। भारत में तो चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि एक इमोशन है। सुबह की आंख खुलने से लेकर ऑफिस की गपशप तक, हर चीज चाय के बिना अधूरी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस बर्तन में आप अपनी पसंदीदा चाय उबाल रहे हैं, वह आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है? रसोई में आमतौर पर चाय बनाने के लिए दो तरह के धातुओं का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है स्टील और एल्युमिनियम। अगर आप सेहत के लिहाज से सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो यहां जान लें किस बर्तन में चाय नहीं बनानी चाहिए।

एल्युमिनियम के बर्तन में चाय क्यों है खतरनाक?
चाय बनाते समय हम उसमें चायपत्ती, चीनी, पानी और अक्सर अदरक या नींबू जैसी चीजें मिलाते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। चायपत्ती में प्राकृतिक रूप से अम्लीय तत्व होते हैं। जब एल्युमिनियम के बर्तन में चाय को तेज आंच पर उबाला जाता है, तो चाय का अम्लीय स्वभाव एल्युमिनियम धातु के साथ रिएक्ट करने लगता है। इस प्रक्रिया को ‘लीचिंग’ कहा जाता है। इस रिएक्शन के कारण एल्युमिनियम के बेहद बारीक कण पिघलकर चाय में घुल जाते हैं। जब हम रोज इस चाय को पीते हैं, तो धातु हमारे शरीर के अंदर जमा होने लगती है, जो एक धीमे जहर की तरह काम करती है।
सेहत पर होने वाले नुकसान
रोजाना एल्युमिनियम के बर्तन में बनी चाय पीने से लंबे समय में कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
मस्तिष्क और याददाश्त पर असर: शरीर में एल्युमिनियम की अधिक मात्रा जमा होने से अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं, जिससे याददाश्त कमजोर होने लगती है।
पाचन तंत्र के लिए: यह धातु पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाती है, जिससे हाइपरएसिडिटी, पेप्टिक अल्सर, अपच और कोलाइटिस का खतरा बढ़ जाता है।
किडनी और लिवर पर दबाव: हमारा शरीर एल्युमिनियम को आसानी से बाहर नहीं निकाल पाता, जिससे यह किडनी में जमा होकर उसे कमजोर कर देता है।
चाय के लिए स्टील है सबसे सुरक्षित
चाय बनाने के लिए स्टेनलेस स्टील का बर्तन सबसे बेहतरीन और सुरक्षित माना जाता है। स्टील एक ‘नॉनरिएक्टिव’ धातु है। इसका मतलब यह है कि चाय की पत्तियों में मौजूद एसिड इसके साथ कोई रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करता। स्टील के बर्तन में चाय उबालने से कोई भी हानिकारक तत्व आपके पेय पदार्थ में नहीं घुलता, जिससे चाय का असली स्वाद और आपकी सेहत दोनों बरकरार रहते हैं।



