Himachal Se: गर्मियों के मौसम में घर की छत पर रखी प्लास्टिक की पानी की टंकी का पानी उबलने लगता है। दोपहर के समय नल चालू करते ही हाथ जलने लगता है। ऐसे में लोग टंकी के पानी को ठंडा रखने के लिए तमाम तरह के उपाय ढूंढते रहते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए आजकल एक घरेलू और बेहद असरदार नुस्खा काफी लोकप्रिय हो रहा है वो नुस्खा है पानी की टंकी पर एल्युमिनियम फॉइल पेपर लपेटना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पानी की टंकी पर एल्युमिनियम फॉइल पेपर लपेटने से क्या होता है।

पानी की टंकी पर एल्युमिनियम फॉइल पेपर लपेटने से क्या होता है?​
पानी की टंकी पर एल्युमिनियम फॉइल पेपर लपेटने से क्या होता है?​

कैसे काम करता है एल्युमिनियम फॉइल?
भौतिक विज्ञान के नियम के अनुसार, गर्मी या हीट तीन तरीकों से ट्रैवल करती है कंडक्शन, कंवेक्शन और रेडिएशन। सूर्य की सीधी धूप रेडिएशन के रूप में हमारी छतों पर रखी पानी की टंकी पर पड़ती है। प्लास्टिक की टंकियां इस गर्मी को तेजी से सोखती हैं और अंदर का पानी खौलने लगता है। जब आप टंकी के चारों तरफ एल्युमिनियम फॉइल पेपर लपेटते हैं, तो यह एक ‘रिफ्लेक्टर’ की तरह काम करता है। एल्युमिनियम की चमकदार सतह सूरज की लगभग 90 से 95% इंफ्रारेड किरणों और हीट रेडिएशन को वापस आसमान की तरफ मोड़ देती है। चूंकि गर्मी टंकी की सतह को छू ही नहीं पाती, इसलिए प्लास्टिक गरम नहीं होता और अंदर का पानी ठंडा बना रहता है।

एल्युमिनियम फॉइल लपेटने के मुख्य फायदे
पानी रहता है ठंडा: तेज धूप और लू के बावजूद टंकी का पानी उबलता नहीं है। दोपहर में भी आपको नहाने या हाथमुंह धोने के लिए इस पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

टंकी नहीं होती कमजोर: लगातार तेज धूप और अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में रहने से प्लास्टिक की टंकियां कमजोर होकर चटकने या टूटने लगती हैं। एल्युमिनियम फॉइल इसे सीधे धूप से बचाकर टंकी की लाइफ बढ़ा देता है।

सस्ता और टिकाऊ समाधान: महंगे इंसुलेशन कवर या कूलिंग जैकेट के मुकाबले किचन में इस्तेमाल होने वाला फॉइल पेपर या कमर्शियल एल्युमिनियम इंसुलेशन शीट बेहद सस्ती आती हैं। इसे आप खुद भी आसानी से लगा सकते हैं।

बिजली की बचत: जब टंकी में पानी सामान्य रहेगा, तो आपको उसे ठंडा करने के लिए बारबार मोटर चलाकर पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे बिजली और पानी दोनों की बचत होगी।

लगाने का सही तरीका

सबसे पहले टंकी की बाहरी सतह को एक गीले कपड़े से अच्छी तरह साफ कर लें ताकि धूलमिट्टी हट जाए। इसके बाद उसे सूखे कपड़े से पोंछ लें और थोड़ी देर सूखने दें। टंकी की ऊंचाई के हिसाब से एल्युमिनियम फॉइल के लंबे टुकड़े काट लें। ध्यान रहे कि फॉइल बहुत पतली होती है, इसलिए इसे संभालते समय यह फटे नहीं। टंकी के ऊपर से शुरू करते हुए नीचे की तरफ फॉइल की पट्टी को रखें। पट्टी के चारों कोनों और किनारों पर डक्ट टेप लगाकर उसे टंकी से अच्छी तरह फिक्स कर दें। इसी तरह एकएक करके पूरी टंकी को फॉइल से ढक दें। जब आप दूसरी पट्टी चिपकाएं, तो वह पहली पट्टी के किनारे को कम से कम 1 से 2 इंच तक ढकती हो। इससे बीच में कोई गैप नहीं बचेगा और सूरज की रोशनी अंदर नहीं जा पाएगी।