Himachal Se: मध्य प्रदेश के ग्वालियर के कम्पू इलाके में आधी रात को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक एम्बुलेंस से अपनी लिवइन पार्टनर का शव लेकर अकेले ही श्मशान घाट पहुंच गया. बिना किसी रिश्तेदारों के आधी रात को ही अंतिम संस्कार करने लगा. युवक की जल्दबाजी देख लोगों को शक हुआ. तभी लोगो ने इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस चिता के पास जा पहुंची और मुखाग्नि देने से ठीक पहले युवक को हिरासत में ले लिया. फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, वहीं मृतका के पति और पिता ने मौत को पूरी तरह संदिग्ध बताया है.

365 KM दूर से लाया लिव-इन पार्टनर की लाश, श्मशान में आधी रात को जैसे ही पहुंचा… रोंगटे खड़े कर देगी ये कहानी​
365 KM दूर से लाया लिव-इन पार्टनर की लाश, श्मशान में आधी रात को जैसे ही पहुंचा… रोंगटे खड़े कर देगी ये कहानी​

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह चौंकाने वाली घटना ग्वालियर स्थित गुढ़ागुढ़ी का नाका श्मशान घाट की है. जांच में सामने आया कि मूल रूप से भिंड की रहने वाली मीनू नाम की महिला की शादी साल 2013 में रामानंद चौहान से हुई थी. उनके दो बच्चे भी हैं. सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन इसी बीच मीनू की मुलाकात भिंड के ही एक मेल नर्स योगेश राठौर से हुई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दोनों में प्यार हुआ और साल 2024 में मीनू अपने पति व बच्चों को छोड़कर योगेश के साथ भाग गई.

इसके बाद से दोनों दिल्ली में लिवइन में रह रहे थे. सोमवार आधी रात को योगेश दिल्ली से एम्बुलेंस में शव लादकर करीब 365 किलोमीटर दूर ग्वालियर के श्मशान घाट पहुंच गया. हैरान करने वाली बात ये है कि दिल्ली से मध्य प्रदेश की सीमा तक किसी भी हाईवे पेट्रोलिंग या पुलिस टीम ने एम्बुलेंस को रोककर पूछताछ करने की जहमत नहीं उठाई.

आधी को कर रहा था अंतिम संस्कार

कम्पू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार के मुताबिक, आधी रात को अकेले एक युवक को महिला के शव का अंतिम संस्कार करते देख श्मशान घाट के कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों को गहरा संदेह हुआ. उन्होंने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया. सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और चिता के पास घेराबंदी करके योगेश को हिरासत में लिया. जब पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो योगेश ने बताया कि पिछले दोतीन दिनों से मीनू की तबीयत खराब थी और बीमारी के कारण उसने दम तोड़ दिया. हालांकि, जब पुलिस ने डॉक्टर का पर्चा या दवाइयों के बिल मांगे, तो वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका. योगेश का दावा है कि नर्सिंग का अनुभव होने के कारण वह घर पर ही उसका इलाज कर रहा था.

दिल्ली में हुई थी मौत तो फिर…

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि मौत दिल्ली में हुई, तो शव को मायके या ससुराल ले जाने के बजाय गुपचुप तरीके से ग्वालियर में क्यों जलाया जा रहा था. इस पर संदिग्ध ने दलील दी कि वह वहां अकेला था, इसलिए यहां आ गया. पुलिस को उसकी यह थ्योरी गले नहीं उतर रही है. ग्वालियर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली में उनके मकान मालिक से भी संपर्क साधा है.

परिजनों ने हत्या की आशंका जताई

पुलिस की सूचना पर मृतका के पिता शीतल सिंह भदौरिया और पति रामानंद ग्वालियर पहुंचे. परिजनों ने मीनू की हत्या की आशंका जताई है. पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है, जिसे लेकर वे भिंड रवाना हो गए. थाना प्रभारी ने बताया कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल युवक पुलिस की हिरासत में है.