Himachal Se: केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है. यह रोक सितंबर 2026 तक रहेगी. यह फैसला चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए लिया गया है. चीनी के उत्पादन में भारत दूसरे नम्बर पर है. पहले पायदान पर ब्राजील है. दुनिया को जितनी चीनी सप्लाई हो रही उसका 20 से 25 फीसदी तक अकेले ब्राजील करता है. भारत के आंकड़ों की बात करें तो दुनियाभर में चीनी की सप्लाई में भारत हिस्सेदारी 19 फीसदी है. अकेले भारत हर साल 35.5 मिलियन टन चीनी का उत्पादन करता है.

भारत यूं ही नहीं, चीनी के उत्पादन में दूसरे नम्बर पर है. देश कुछ चुनिंदा राज्य इसका सबसे ज्यादा उत्पादन करते हैं. यही वजह है कि भारत दुनिया के करीब 80 से अधिक देशों को चीनी सप्लाई करता है. अब सवाल है कि कौन से राज्य देश को सबसे ज्यादा चीनी देते हैं, भारत कौनकौन से देशों को चीनी सप्लाई करता है और यह कैसे तैयार होती है?
चीनी बनाने में इन राज्यों का दबदबा
भारत चीनी का उत्पादन करने में दुनियाभर में दूसरे नम्बर पर है, लेकिन जब बात देश के राज्यों की आती है तो रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश के नाम है. देश के चुनिंदा राज्यों में उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा चीनी देने वाला राज्य है. यूपी के बाद बिहार, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश चीनी का उत्पादन करते हैं.
उत्तर प्रदेश का रुतबा कैसा है यह इससे समझा जा सकता है कि देश में चीनी का जितना भी उत्पादन होता है, उसका 50 फीसदी प्रोडक्शन यह राज्य अकेले करता है. देश को सबसे ज्यादा चीनी देने के पीछे कुछ भी कारण हैं. यहां का मौसम और शुगर इंडस्ट्री इसकी सबसे बड़ी वजह है.
चीनी गन्ने से तैयार होती है और उत्तर प्रदेश इसके प्रोडक्शन में आगे है.
चीनी गन्ने से तैयार होती है. गन्ने की अच्छी पैदावार के लिए 20 से 35 डिग्री सेल्सियस का तापमान जरूरी होता है. इसके अलावा सालभर में 75 से 150 सेंटीमीटर की बारिश, उपजाऊ और जल निकासी वाली मिट्टी मिलकर इसकी पैदावार को बढ़ाती है. इसे पर्याप्त धूप चाहिए. पकने और कटाई के लिए ठंडा और शुष्क मौसम चाहिए. उत्तर प्रदेश में गन्ने की पैदावार के लिए यह माहौल उपलब्ध होने के कारण यह चीनी के उत्पादन में आगे है.
भारत से कितने देश खरीद रहे चीनी?
भारत से 80 से अधिक देश चीनी खरीदते हैं. इंडोनेशिया वो देश है जो भारतीय चीनी का सबसे बड़ा खरीदार है. बांग्लादेश, सूडान, संयुक्त अरब अमीरात, सोमालिया समेत कई देश खरीदारों की लिस्ट में शामिल हैं.
ब्राजील चीनी का सबसे बड़ा गढ़
दुनिया को सबसे ज्यादा चीनी देने के मामले में ब्राजील कैसे आगे निकल गया है. अब इसे समझ लेते हैं. ब्राजील गन्ने के उत्पादन में सबसे आगे है. 40 फीसदी गन्ना अकेले पैदा करता है. यहां की उष्णकटिबंधीय जलवायु और उपजाऊ मिट्टी इसके लिए वरदान है, जो गन्ने की खेती के लिए आदर्श मानी जाती है.
चीनी से तगड़ी कमाई होने के कारण सरकार ने ट्रांसपोर्टेशन, बंदरगाह पर सुविधाओं और निर्यात को लेकर बड़ा निवेश किया है. नतीजा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करना आसान हुआ. ब्राजील सिर्फ चीनी ही नहीं, इथेनॉल का भी सबसे बड़ा उत्पादक देश है. गन्ने से चीनी और इथेनॉल बनाकर किसानों को दोहरा फायदा होता है.
गन्ने से कैसे बनती है चीनी?
खेतों से कटाई के बाद बड़ीबड़ी मशीनों के जरिए गन्ने का रस निकाला जाता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसका बचा हुआ रेश बगास कहलाता है जो बिजली बनाने में काम आता है. गन्ने के रस की सफाई की जाती है. इससे गंदगी नीचे बैठ जाती है और साफ रस ऊपर आ जाता है. साफ रस को गर्म किया जाता है और इससे गाढ़ा रस मिलने के बाद चीनी के क्रिस्टल बनते हैं. मशीन के जरिए क्रिस्टल और गाढ़े तरल को अलग किया जाता है. इसके बाद इसे सुखाकर और साफ करके पैकिंंग करते हैं और बाजारों तक पहुंचाया जाता है.



