Himachal Se: Ghazipur News: हिंदू समाज में शादियां केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि रीतिरिवाजों और हंसीठिठोलियों का उत्सव भी होती हैं. इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘जूता चुराई’, जिसमें सालियां अपने जीजा के जूते छुपाती हैं और बदले में नेग की मांग करती हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में इस हंसीमजाक की रस्म का अंत इतना कड़वा होगा, किसी ने सोचा न था. यहां जूता चुराने की बात पर दूल्हा इस कदर आगबबूला हुआ कि उसे अपनी दुल्हन के बिना ही खाली हाथ वापस लौटना पड़ा.

जूता चुराई में साली ने मांगा नेग, बदले में दूल्हे ने कर दी ऐसी हरकत… दुल्हन ने कैंसिल की शादी​
जूता चुराई में साली ने मांगा नेग, बदले में दूल्हे ने कर दी ऐसी हरकत… दुल्हन ने कैंसिल की शादी​

मामला कासिमाबाद कोतवाली इलाके के एक गांव का है. बुधवार की रात मरदह थाना क्षेत्र के एक गांव से राजभर बस्ती में बारात आई थी. शुरुआत में सब कुछ बेहद खुशनुमा था. वधू पक्ष ने बारातियों का भव्य स्वागत किया, द्वार पूजा हुई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे भी संपन्न हो गए.

विवाद तब शुरू हुआ जब शादी की रस्में पूरी होने के बाद दूल्हादुल्हन को ‘कोहबर’ ले जाने की तैयारी हो रही थी. परंपरा के अनुसार, सालियों ने दूल्हे का जूता छुपा दिया और नेग मांगने लगीं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी हंसीमजाक के बीच दूल्हा अचानक अपना आपा खो बैठा. वह न केवल नाराज हुआ, बल्कि सालियों और वधू पक्ष के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगा.

मानसिक स्थिति पर हुआ संदेह, दुल्हन ने ठुकराई विदाई

दूल्हे के इस व्यवहार को देखकर शादी के जश्न में सन्नाटा पसर गया. वधू पक्ष और गांव के लोगों को दूल्हे की मानसिक स्थिति पर संदेह होने लगा. उन्हें डर सताने लगा कि जो व्यक्ति हंसीमजाक की एक छोटी सी रस्म को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा, वह भविष्य में उनकी बेटी को कैसे खुश रखेगा. देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. वधू पक्ष ने दो टूक फैसला सुना दिया कि वे अपनी बेटी को ऐसे व्यक्ति के साथ विदा नहीं करेंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को बुलाया गया.

पुलिस की पंचायत और खाली हाथ वापसी

मौके पर पहुंची कासिमाबाद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने और समझौता कराने का काफी प्रयास किया. पुलिस की मौजूदगी में माहौल शांत तो हुआ, लेकिन दुल्हन और उसके परिजन अपने फैसले पर अडिग रहे. अंततः, दूल्हे को बिना दुल्हन के ही बारात वापस लेकर जानी पड़ी.

वर्तमान में, दूल्हा पक्ष के लोग सामाजिक स्तर और पुलिस के माध्यम से दोबारा सुलह की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा बच सके और दुल्हन की विदाई हो जाए. हालांकि, वधू पक्ष अभी भी अपने निर्णय पर कायम है.