Himachal Se: ब्लू जोन में रहने वाले लोगों की 100 साल तक की लंबी उम्र दुनिया के लिए आज भी एक रहस्य बनी हुई है। ब्लू जोन देशों की बात करें तो इसमें इटली,ग्रीस,जापान,कोस्टा रिका और अमेरिका शामिल हैं जहां ज्यादातर लोगों की उम्र 100 साल होती है। इन देशों के लोगों को क्रॉनिक बीमारियों का खतरा नहीं रहता। आज के दौर में जब कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, पूरी दुनिया की नजरें जापान की जीवनशैली पर टिकी हैं। ग्लोबल हेल्थ डेटा बताता है कि जापान में हृदय रोगों से होने वाली मृत्यु दर दुनिया में सबसे कम मृत्यु दर वाले देशों में शामिल है। इसका श्रेय केवल उनकी डाइट को नहीं, बल्कि उनके रहने के खास तरीके को जाता है। जापानी लोग कुछ खास नियमों का पालन करते हैं जैसे हारा हाची बू यानी पेट को 80% ही भरना। सुनने में यह मामूली लग सकता है, लेकिन मेडिकल रिसर्च बताती हैं कि यह एक आदत दिल की बीमारियों और मोटापे को कोसों दूर रख सकती है।

Aakash Healthcare में सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन में डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा बताते हैं कि जापान में लोगों की लंबी उम्र का बड़ा कारण वहां की संस्कृति है, जहां भोजन, शारीरिक गतिविधि और मजबूत सामाजिक रिश्तों जैसी स्वस्थ आदतें रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जापानियों की लंबी उम्र सिर्फ अच्छे जीन का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उनकी रोजमर्रा की जीवनशैली और आदतों से जुड़ी है, जो दिल को स्वस्थ रखने, तनाव कम करने और उनकी ओवर ऑल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। आइए जानते हैं कि जापान के लोगों की कौनकौन सी 5 आदते हैं जो जापानी लोगों को हेल्दी रखती हैं।
दिल को स्वस्थ रखने वाली जापान की 5 खास आदतें
Hara Hachi Bu यानी पेट 80% भरने तक खाना
जापान की सबसे प्रसिद्ध हेल्दी आदतों में से एक है Hara Hachi Bu जिसका मतलब है कि पेट को सिर्फ 80 फीसदी तक भरो और 20 फीसदी खाली रखों। कम खाने की आदत आपके पाचन से लेकर वजन तक को कंट्रोल करती है। डॉ. सिन्हा बताते हैं कि यह आदत बिना किसी सख्त डाइटिंग के कैलोरी कंट्रोल करने में मदद करती है। कम कैलोरी लेने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, मोटापे का खतरा घटता है और लंबे समय में हृदय रोगों का जोखिम कम होता है।
प्लांट बेस्ड डाइट पर निर्भर रहना
जापानी लोगों की लम्बी उम्र का राज उनकी प्लांट बेस्ड डाइट भी है। ये लोग पारंपरिक जापानी भोजन में सब्जियां, टोफू, समुद्री सब्जियां, फर्मेंटेड फूड और मछली का सेवन करते हैं। उनकी डाइट में प्रोसेस फूड और रेड मीट न के बराबर होता है। डॉ. सिन्हा ने बताया प्लांट बेस्ड फूड कोलेस्ट्रॉल कम करने और शरीर में सूजन घटाने में मदद करते है, जो हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों के मुख्य कारणों में शामिल हैं। डॉक्टर ने बताया प्लांट बेस्ड डाइट डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी क्रॉनिक बीमारियों के जोखिम को भी कम करती है और लम्बी उम्र तक बॉडी को हेल्दी और जवान रखती है।
कठिन वर्कआउट नहीं, बल्कि रोजाना की बॉडी एक्टिविटी
जापान में लोग रोजमर्रा की जिंदगी में चलना, साइकिल चलाना, बागवानी करना और छोटेछोटे शारीरिक काम करना पसंद करते हैं जिससे उनकी बॉडी रेगुलर एक्टिव रहती है। डॉ. सिन्हा ने बताया नियमित और हलकी रेगुलर एक्सरसाइज दिल के खतरे को 2030% तक कम कर सकती है। इससे ब्लड प्रेशर और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर रहता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक असली फर्क निरंतरता से पड़ता है, न कि बहुत कठिन एक्सरसाइज से। रोज की छोटीछोटी एक्टिविटी लंबे समय में ज्यादा फायदा देती हैं।
Ikigai जिंदगी जीने का उद्देश्य
जापान का एक और खास विचार है Ikigai, जिसका मतलब है हर सुबह उठने की एक वजह या जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। डॉ. सिन्हा बताते हैं कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन का सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है। जिन लोगों के जीवन में उद्देश्य होता है, उनमें तनाव कम होता है और कम तनाव का मतलब बेहतर दिल की सेहत से जुड़ा है। लंबे समय तक तनाव रहने से हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
मजबूत सामाजिक रिश्ते यानी Moai
Moai का मतलब है करीबी सामाजिक समूह जहां लोग एकदूसरे को भावनात्मक सहयोग, साथ और जिम्मेदारी का एहसास देते हैं। डॉ. सिन्हा के मुताबिक जिन लोगों के सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं, उनकी आदतें बेहतर होती हैं, तनाव कम रहता है और वे ज्यादा लंबी उम्र जीते हैं। अकेलापन भी दिल के रोग का खतरा लगभग 30% तक बढ़ा सकता है। यानी सिर्फ सही खानपान और व्यायाम ही नहीं, बल्कि अच्छे रिश्ते और मानसिक शांति भी दिल को हेल्दी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। कोई भी नई दिनचर्या या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


