Char Dham Pilgrims: उत्तराखंड की चार धाम यात्रा शुरू हुए कुल 18 दिनों हो चुके है और पिछले 18 दिनों में यात्रा पर आए कुल 29 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है. मारे गए तीर्थयात्रियों की मौत की वजह स्वास्थ्य खराब बताया गया है. इनमें हार्ट अटैक समेत विभिन्न बीमारियां है, जिससे श्रद्धालुओं की मौत हुई है. बताया जाता है सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथजी यात्रा रूट पर हुई हैं.

चारधाम यात्रा पर आने वाले कुल 29 यात्रियों में से 15 यात्रियों की मौत केदारनाथजी के रूट पर हुई है. 22 अप्रैल को केदारनाथजी के कपाट खुले थे, जिसके बाद से अब तक कुल 15 तीर्थयात्रियों की मौत दर्ज हुई है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मारे गए सभी तीर्थयात्रियों की मौत का कारण खराब स्वास्थ है. इनमें हार्ट और उससे जुड़ी बीमारियों से मरने वाले यात्रियों की संख्या अधिक है.

गौरतलब है उत्तराखंड की चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हुई थी सबसे पहले गंगोत्री यमुनोत्री धाम के कपाट खुले थे, जिसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले थे. चारों धामों के कपाट खुलते ही तीर्थ यात्रियों का सैलाब चारों धामों के दर्शन करने के लिए उमड़ रहा है. उत्तराखंड के चारों धामों में सबसे ज्यादा केदारनाथ धाम में तीर्थ यात्री पहुंचे हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक अकेले केदारनाथजी में अब तक 3 लाख 44 हजार 889 से ज्यादा तीर्थ यात्री दर्शन करने पहुंच चुके हैं, जबकि बद्रीनाथ धाम में लगभग 2 लाख और गंगोत्री और यमुनोत्री में एक लाख से ज्यादा तीर्थ यात्री दर्शन कर चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य खराब के कारण चार धाम यात्रा में अब तक 29 तीर्थ यात्रियों की मृत्यु हुई है. इनमें केदारनाथ में 15, बद्रीनाथ में 7, यमुनोत्री में 4 और गंगोत्री में हुई 3 यात्रियों की मौत शामिल है.

लगभग 3000 मीटर की ऊंचाई पर उच्च हिमालय क्षेत्र में स्थित चारो धाम में बाहर से आने वाले श्रद्धालु अक्सर कई तरह की गलतियां करते हैं. चार धामों के कुछ हिमालय क्षेत्र में होने के कारण यहां अत्यधिक ठंड, कठिन चढ़ाई, बर्फबारी और बारिश का सामना करना पड़ता है और तीर्थ यात्री स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों को नजर अंदाज कर यात्रा करने पहुंच जाते हैं.

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि हेल्थ एडवाइजरी के अलावा रजिस्ट्रेशन में भी यह बताया गया था कि जिसे हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, शुगर, ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी बीमारी है, वो यात्रा में जाने से पहले स्वास्थ्य जांच जरूर करवाएं. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चार धाम यात्रा रूट स्वास्थ्य की सभी तरह की व्यवस्थाएं पर की गई है. इनमें 47 डेडीकेटेड अस्पताल, 28 स्पेशलिस्ट डॉक्टर के अलावा 400 डॉक्टर्स की तैनाती शामिल है.

उल्लेखनीय है उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में पहले भी उत्तराखंड के चारों धामों को लेकर जारी हेल्थ एडवाइजरी में कहा था कि चारों धामों में आने से पहले तीर्थ यात्री स्वास्थ्य से जुड़ी बातों का ध्यान रखें, लेकिन उत्तराखंड में मात्र 18 दिन यात्रा के दौरान 29 तीर्थ यात्रियों की मौत यह साबित करती है कि जिन बातों को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी शायद उन बातों को नजर अंदाज किया गया है