
आज के समय में छोटे बच्चे बिना फोन देखे खाना नहीं खाते हैं. ऐसे में माता-पिता बच्चों को फोन दिखाते हैं तो ताकि बच्चा खाना खा लें. इसके अलावा बच्चे सारा दिन फोन पर वीडियो देखना पसंद करते हैं. अगर आपका बच्चा 2 साल से छोटा है तो सारा दिन फोन देखना पसंद करता है तो आपके बच्चे को ऑटिज्म जैसी गंभीर बीमारी का रिस्क बढ़ सकता है. एम्स की एक रिसर्च के अनुसार जन्म से 18 महीने तक जिन बच्चों को उनके माता-पिता ने मोबाइल देखने की आदत है उन बच्चों में ऑटिज्म जैसे गंभीर बीमारी की समस्या ज्यादा देखने को मिली है.
क्या होता है ऑटिज्म
ऑटिज्म बीमारी की वजह से बच्चा शुरुआत के कुछ सालों तक बोल भी नहीं पता है. अगर बच्चा जन्म से दो से तीन साल बोलने में असमर्थ है या फिर किसी भी बात को समझ नहीं पाता है तो यह ऑटिज्म के लक्षण होते हैं. इसका अर्थ है कि आपके बच्चे को ऑटिज्म हो सकता है. भारत में ऑटिज्म की बीमारी तेजी से बढ़ रही है. बढ़ती ऑटिज्म की बीमारी को देखते हुए एम्स अस्पताल द्वारा रिसर्च किया गया.
एम्स की गाइडलाइन
एम्स की तंत्रिका विज्ञान विभाग की सीनियर डॉक्टर प्रोफेसर शेफाली गुलाटी ने बताया है कि उन्होंने अस्पताल में मोबाइल फोन देखने के लिए गाइडलाइंस जारी की है. जिससे बच्चों के माता-पिता को भी जागरुक होने की जरूरत है.
18 महीने तक बच्चों ना दें फोन
डॉक्टर के अनुसार जन्म से 18 महीने तक के बच्चों को मोबाइल फोन बिल्कुल भी ना दें. 18 महीने से 6 साल तक बच्चों को केवल 1 घंटे के लिए मोबाइल फोन दें. इससे ज्यादा फोन देना बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
शारीरिक और मानसिक एक्टिविटी
फोन का इस्तेमाल करने से बच्चे सुस्त हो जाते हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। स्क्रीन टाइम कम रहने से बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से काफी एक्टिव होता है. फोन का कम इस्तेमाल होने से ऑटिज्म जैसी समस्या दूर हो सकती है. 6 साल से कम उम्र के जो बच्चे ज्यादा मोबाइल फोन चलाते हैं उनके माता-पिता के लिए डॉक्टर्स की सलाह है कि वह अपने बच्चों को धीरे-धीरे मोबाइल की लत हटाए.
कैसे होता है ऑटिज्म का इलाज
जिन बच्चों में ऑटिज्म बीमारी का इलाज बच्चों की कंडीशन के हिसाब से किया जाता है. डॉक्टर जांच करने के बाद बच्चों का इलाज करते हैं. कुछ बच्चों में ऑटिज्म के गंभीर मामले देखने को मिलते हैं वहीं कुछ बच्चों में दौरा आने की भी समस्या देखने को मिलती है. गंभीर स्थिति में डॉक्टर दवाई देते हैं.