अफ्रीका के देश माली से इस समय गंभीर और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जहां माली के रक्षा मंत्री सादियो कामारा की उनके घर पर हुए कार बम हमले में मौत हो गई है। इस हमले में उनकी दूसरी पत्नी और दो पोते-पोतियों की भी जान चली गई है, जिससे पूरे देश में शोक और तनाव का माहौल बन गया है।
बता दें कि यह हमला राजधानी बामाको के पास स्थित काती इलाके में हुआ, जो सैन्य शासन का मजबूत गढ़ माना जाता है। गौरतलब है कि पिछले दो दिनों से माली की सेना और उग्रवादी तथा अलगाववादी गुटों के बीच भीषण संघर्ष जारी है, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, तुआरेग विद्रोही गुट और इस्लामिक उग्रवादी संगठनों ने शनिवार सुबह कई रणनीतिक इलाकों पर हमला किया। इनमें राजधानी के आसपास के क्षेत्र भी शामिल हैं, जिससे सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है।
इस बीच, सैन्य शासन के प्रमुख असीमी गोइता सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिससे राजनीतिक अनिश्चितता और बढ़ गई है। हालांकि सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि वह सुरक्षित स्थान पर हैं।
गौरतलब है कि माली पिछले एक दशक से हिंसा और अस्थिरता का सामना कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के हमले 2012 के बाद सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं। उस समय भी देश के उत्तरी हिस्सों में विद्रोह हुआ था, जिसे बाद में विदेशी मदद से काबू में किया गया था।
जानकारी के मुताबिक, उत्तरी शहर किदाल पर विद्रोही गुटों ने कब्जा करने का दावा किया है, जो सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी सेना और उनके विदेशी सहयोगियों को इलाके से हटते हुए देखा है।
राजधानी बामाको और आसपास के इलाकों में फिलहाल स्थिति थोड़ी शांत बताई जा रही है, लेकिन सुरक्षा बलों की भारी तैनाती जारी है। जगह-जगह जांच अभियान चलाए जा रहे हैं और लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई है।
सरकार ने रक्षा मंत्री के निधन पर दो दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान सादियो कामारा ने हमलावरों का मुकाबला भी किया, लेकिन बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई है।
वहीं विपक्षी दलों ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि देश इस समय गंभीर खतरे में है। उनका कहना है कि सरकार ने स्थिरता और सुरक्षा का जो वादा किया था, वह अभी तक पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।