अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य और आर्थिक गतिरोध के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य परमाणु विवाद पर उलझने के बजाय पहले तत्काल तनाव कम करना और वैश्विक तेल मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना है।
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ईरान के प्रस्ताव का एक अहम हिस्सा कथित तौर पर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलना है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान चाहता है कि परमाणु वार्ताओं जैसे ज़्यादा मुश्किल विषयों पर आगे बढ़ने से पहले नाकाबंदी हटा दी जाए और सामान्य जहाज़रानी फिर से शुरू हो जाए।
ईरान के भीतर कोई स्पष्ट सहमति नहीं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मध्यस्थों को बताया कि अमेरिका की मांगों पर कैसे प्रतिक्रिया दी जाए, इस पर ईरान के भीतर अभी भी कोई स्पष्ट सहमति नहीं है। इस आंतरिक मतभेद ने वार्ताओं में प्रगति को धीमा कर दिया है।
US ने अभी तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया है
व्हाइट हाउस को प्रस्ताव मिल गया है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह इसे स्वीकार करेगा या अस्वीकार। US कई सालों से ईरान से यूरेनियम संवर्धन रोकने और देश से अपने भंडार को हटाने के लिए कह रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उम्मीद की जा रही है कि वे स्थिति पर चर्चा करने के लिए अपनी सुरक्षा टीम के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक करेंगे। हालांकि उन्होंने कड़ा रुख अपनाया है, लेकिन उन्होंने बातचीत का विकल्प भी खुला रखा है।
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प्रस्ताव के अनुसार, दोनों पक्ष लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष-विराम या यहां तक कि संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने पर सहमत हो सकते हैं। परमाणु वार्ता तभी शुरू होगी जब स्थिति में सुधार होगा और नाकाबंदी हटा दी जाएगी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ईरान मिस्र, तुर्की और कतर सहित कई देशों के साथ इस योजना पर चर्चा कर रहा है, क्योंकि शांतिपूर्ण समाधान खोजने के प्रयास जारी हैं।