पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य और कूटनीतिक संकट के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची तीन दिनों के भीतर दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। रविवार को इस्लामाबाद पहुंचे अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य केंद्र पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता के जरिए शांति स्थापित करने के प्रयास थे।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद अराघची शनिवार को इस्लामाबाद से रवाना हुए थे। वह ओमान गए थे, जहां उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और ईरान-अमेरिका संघर्ष को समाप्त करने के लिए राजनयिक प्रयासों पर बातचीत की।
‘जियो न्यूज’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यात्रा के बाद अराघची रूस के मॉस्को के लिए रवाना हो गए।
पाकिस्तान की ओर से इस बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह बैठक पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के दूसरे दौर की व्यवस्था करने के लिए जारी शांति प्रयासों पर केंद्रित है।
‘जियो टीवी’ ने ईरानी समाचार एजेंसी ‘आईएसएनए’ के हवाले से बताया कि अराघची ‘‘युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए किसी भी समझौते के ढांचे पर ईरान के रुख और विचारों’’ से अवगत कराएंगे।
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ग्यारह और बारह अप्रैल को आयोजित शांति वार्ता का पहला दौर संघर्ष में शामिल पक्षों के लिए वांछित परिणाम लाने में विफल रहा।
शनिवार को अराघची के ओमान रवाना होने के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब ईरान के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे।
रविवार को ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं।