Kanpur Bar Association Protest: कानपुर बार एसोसिएशन और दि. लायर्स एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से निबंधन कार्यालयों में ईरजिस्ट्रेशन की लागू की जा रही व्यवस्था का जोरदार विरोध किया है। दोनों संगठनों ने इस संबंध में मंडायुक्त कानपुर नगर को ज्ञापन सौंपकर सरकार से इस आदेश को वापस लेने और पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

सरकार द्वारा प्रदेश के सभी निबंधन कार्यालयों में ईरजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस व्यवस्था के विरोध में प्रदेश के कई जिलों में अधिवक्तागण न्यायिक कार्यों से विरत होकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं, जिससे निबंधन कार्य बाधित हो रहे हैं।
क्या हैं विरोध की मुख्य वजहें
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि ईरजिस्ट्रेशन की इस व्यवस्था से आम जनमानस, दस्तावेज नवीस, स्टाम्प वेंडर, टाइपिस्ट और अधिवक्ताओं का कार्य पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इस आदेश से बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएंगे।
महामंत्री विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्री से कानपुर समेत सभी तहसीलों में छोटे स्टाम्प वेंडर और टाइपिस्ट बड़ी संख्या में बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही, न्यायालयों में वादों की संख्या भी अत्यधिक बढ़ेगी।
क्या है संगठनों की मांग
दोनों एसोसिएशनों ने सरकार से मांग की है कि की व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए।निबंधन कार्यालयों को पूर्व व्यवस्था के अनुसार ही सुचारु रूप से कार्य कराया जाए। इस व्यवस्था से जुड़े लोगों की रोजीरोटी को ध्यान में रखा जाए।
क्या होगा अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं
संगठनों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि सरकार ने इस आदेश को वापस नहीं लिया तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इससे निबंधन कार्यालयों के साथसाथ न्यायिक कार्य भी प्रभावित हो सकते हैं।
क्या चिंताएं जताई गईं
अधिवक्ताओं ने यह भी आशंका जताई कि सरकार की इस व्यवस्था से निश्चित रूप से भू माफियों एवं बिल्डरों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, निबंधन कार्यालय से जुड़े आम जनमानस, स्टाम्प वेंडर, टाइपिस्ट और अधिवक्ताओं के कार्यों पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।



