शादी एक ऐसा रिश्ता में जिसमें प्यार, रोमांस और जिंदगी भर का साथ देने जैसे अच्छे ख्याल आते हैं. शादी के बाद डेट्स, मेहंगी गिफ्ट और हनीमून पर जाना हर किसी को अच्छा लगता है. शादी के शुरुआती कुछ महीने का समय किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता है. ऐसा लगता है जैसे परियों की दुनिया में हो, लेकिन जब हनीमून का खुमार उतरता है तो फिर शुरुआत होती है असली जिंदगी की है.

शादी और सच्चाई
फिल्मों वाली शादी और रियल लाइफ की शादी में बहुत ज्यादा अंतर होता है. शादी के बाद कुछ ऐसी बाते सामने आती है जिसे जानने के बाद कुछ ऐसी सच्चाई सामने आती है जिसके बाद कपल के बीच लड़ाई-झगड़ा शुरू हो जाता है.

हनीमून पीरियड तक प्यार नजर आता है. एक दूसरे में खोए रहना और एक दूसरे की तारीफ करना, लेकिन जब आप अपनी आम जिंदगी में वापस लौटते हैं, तो समझ आता है कि प्यार काफी नहीं है. घर का राशन भी लाना है, बिजली का बिल भी भरना है. घर की जिम्मेदारी भी बांटनी है.

छोटी-छोटी बातों पर झगड़े
ऐसा नहीं होता है कि दो लोगों के बीच लड़ाई ना हो, यह आपकी गलतफहमी है. दो अलग-अलग सोच के लोग एक साथ रहने का फैसला लेते हैं. तो मतभेद तो होगा ही. वीकेंड पर कहां जाना है, घर में किस कलर का पेंट होगा, कौन से दोस्त घर आने चाहिए और कौन से दोस्त घर नहीं आने चाहिए. इन छोटी-छोटी बातों पर बहस होना शादीशुदा जिंदगी का हिस्सा है.

पैसों पर बात करना
रिश्ते में प्यार के साथ-साथ पैसा भी बेहद जरूरी है. घर के खर्चे मैनेज करना, सेविंग्स के बारे में बात करना. हनीमून पीरियड के बाद कपल्स को पता चलता है कि पैसों को लेकर उनके सोचने का तरीका बिल्कुल अलग है. कोई पैसा बचाना चाहता है तो कई खर्च करना. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पैसों पर खुलकर बात ना करने की वजह से भी रिश्ते में दरार आ सकती है.